
bus stop land fire station construction, बस स्टॉप जहां फायर स्टेशन बनाया जा रहा (Source-Patrika)
Damoh Bus Stop Fire Station: मध्यप्रदेश की दमोह नगरपालिका में सीएमओ के रोजाना नए कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला मास्टर प्लान 2031 में हटा नाका बस स्टॉप के लिए स्वीकृत जमीन को एमपीयूडीसी (मप्र अर्बन डेव्लपमेंट कंपनी) को फायर स्टेशन के लिए आबंटित करने को लेकर सामने आया है। खास बात यह है कि इसके न तो परिषद की मंजूरी ली गई और न ही इसकी जानकारी सांझा करना उचित समझा गया। ऐसे में अब जब मामला सामने आया है तो सीएमओ उक्त बस स्टॉप को अनुपयोगी बताते हुए पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि नगरपालिका अध्यक्ष यह जानकारी लगने पर शॉक्ड हैं।
हटा नाका बस स्टॉप पर बीते 3-4 दिनों से पिलर के गड्ढे खोदने का काम चल रहा है। इसे देख प्राय: लोगों ने यही सोचा कि बस स्टॉप के संरक्षण के लिए यहां बाउंड्रीवॉल सहित अन्य कार्य शुरू हो गए हैं, लेकिन जब पूछताछ की गई तो पता चलता है कि यहां फायर स्टेशन का निर्माण चल रहा है। जो कि बस स्टॉप की जगह पर बनाया जा रहा है। यह जानकारी वायरल होते ही इसका विरोध शुरू हो गया। फुटेरा वार्ड 4, इमलाई, सिंगपुर और आसपास के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर आवेदन भी सीएमओ और कलेक्टर को सौंपा हैं।
इस संबंध में फुटेरा वार्ड 4 पार्षद कांतीबाई चंदेल ने सीएमओ और कलेक्टर को एक पत्र देकर फायर स्टेशन के कार्य पर आपत्ति व्यक्त की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि सांसद व वर्तमान पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, पूर्व वित्त मंत्री व विधायक जयंत मलैया की निधि ने हटा नाका बस स्टॉप का निर्माण हुआ था। अब उक्त जगह पर फायर स्टेशन बनाना जनप्रतिनिधियों की इच्छा का अपमान हैं। जब यह जमीन मास्टर प्लान में बस स्टॉप के लिए स्वीकृत हैं, तो इस पर दूसरा कार्य कैसे हो सकता है। उनके अनुसार यहां बस स्टॉप का निर्माण क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने और विकास को सोचकर कराया गया था, लेकिन उसे नियमविरुद्ध तरीके से खत्म करने का षड़यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से काम बंद कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि काम नहीं रुकता तो मामला न्यायालय में जाएगा।
'8 साल से बस स्टॉप ऐसे ही पड़ा था, जिससे भवन जर्जर हो रहा था, वहीं बस स्टॉप का उपयोग भी नहीं हो पा रहा था। फायर स्टेशन के लिए जगह की जरूरत थी, इसीलिए एमपीयूडीसी के लिए उक्त जगह दी गई है। आगे जरूरत होगी तो तब देखेंगे' - राजेंद्र सिंह लोधी, सीएमओ नगरपालिका दमोह।
'हटा नाका पर बस स्टॉप के लिए जो जमीन आरक्षित है, उस जमीन को एमपीयूडीसी के लिए कब दे दिया गया, इसकी जानकारी नहीं है। परिषद से ऐसी कोई जमीन किसी कार्य के लिए नहीं दी गई है। सीएमओ को स्पष्ट करना चाहिए'- मंजू वीरेंद्र राय, अध्यक्ष नगरपालिका दमोह।
Updated on:
16 Sept 2026 10:28 pm
Published on:
16 Sept 2026 10:28 pm
