दमोह

महज 2 हजार रुपये के लालच में फंसा असिस्टेंट इंजीनियर, दमोह में लोकायुक्त ने पकड़ा

Lokatukta Trap Assistant Engineer: आरओ वाटर प्लांट संचालक से लोड बढ़ाने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, लोकायुक्त सागर की ट्रैप कार्रवाई से मचा हड़कंप।
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Jun 25, 2026
lokayukta trap
lokayukta trap Assistant Engineer Rajesh Sahay caught taking bribe, सहायक अभियंता राजेश सहाय रिश्वत लेते पकड़ाए (Source-patrika)

Damoh Lokatukta Trap: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसने के लिए लोकायुक्त लगातार कार्रवाई कर रहा है। हर दूसरे दिन लोकायुक्त (Lokatukta ) कहीं न कहीं प्रदेश में रिश्वत लेते हुए कर्मचारी या अधिकारी को पकड़ती है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं और रिश्वतखोरी जारी है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के दमोह जिले का है जहां बिजली विभाग में पदस्थ सहायक अभियंता (असिस्टेंट इंजीनियर) को सागर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

असिस्टेंट इंजीनियर मांग रहा था 7 हजार रुपये रिश्वत

गांधी वार्ड बूढ़ा हटा निवासी इंद्रकुमार पटेल आरओ वाटर प्लांट का संचालन करते हैं। उनके प्लांट का निरीक्षण बिजली विभाग द्वारा किया गया था। निरीक्षण के दौरान मीटर पर स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपयोग करने की बात सामने आई। आरोप है कि इसी मामले में कार्रवाई का भय दिखाकर सहायक अभियंता (असिस्टेंट इंजीनियर) राजेश सहाय ने राहत देने और लोड बढ़ाने के एवज में 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद पहली किश्त के रूप में 2 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। फरियादी इंद्रकुमार पटेल ने रिश्वत देने के बजाय साहस दिखाते हुए पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में की।

लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम गठित की गई और योजनाबद्ध कार्रवाई की तैयारी की गई। गुरुवार को लोकायुक्त टीम हटा पहुंची। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार फरियादी रिश्वत की राशि लेकर विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचा। जैसे ही सहायक अभियंता राजेश सहाय ने 2 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान विभाग के एक आउटसोर्स कर्मचारी संदीप पटेरिया की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके चलते उसे भी सह-आरोपी बनाया गया है।

ट्रैप दल में ये रहे शामिल

लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई जारी है। उल्लेखनीय है कि राजेश सहाय मई 2025 में हटा पदस्थ किये गए थे इनके पूर्व पदस्थ रही सहायक यंत्री सुबुद्धि चढ़ार पर भी हटा पदस्थापना के दौरान गड़बड़ी पर कार्यवाही हुई थी और सेवा समाप्ति की कार्यवाही प्रस्तवित की गई थी। लोकायुक्त सागर की ट्रैप टीम में निरीक्षक रंजीत सिंह, निरीक्षक रोशनी जैन, शशिकांत, आदेश तिवारी, प्रदीप दुबे, गोल्डी पाशी, नीलेश चौबे एवं अरविंद चौबे आदि शामिल रहे।

Published on:
25 Jun 2026 04:53 pm