
Damoh PM Awas Yojana: केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र सिंह खटीक की मौसी को PM आवास का इंतजार है। मंगलवार को मध्यप्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में जनसुनवाई में केन्द्रीय मंत्री की मौसी पीएम आवास के लिए गुहार लगाने के लिए पहुंचीं। जनसुनवाई के दौरान जब केन्द्रीय मंत्री की मौसी ने जनपद सीईओ से पूछा कि उन्हें पीएम आवास कब तक मिलेगा तो सीईओ ने जवाब में कहा कि इसमें एक साल तक का वक्त लग सकता है। इस पर उन्होंने भावुक होकर जबाव दिया कि- 'अगर तब तक जीवित रही तो क्या आवास का लाभ मिल जाएगा।' बता दें कि केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक की मौसी तुलसा खटीक तेजगढ़ में अकेली रहती हैं, उनकी कोई संतान नहीं है और पति का भी पूर्व में निधन हो चुका है। वो सब्जी बेचकर अपना जीवनयापन करती हैं।
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की मौसी तुलसा खटीक अपनी समस्याएं लेकर जनपद सीईओ मनीष बागड़ी के पास पहुंची थीं। उन्होंने पीएम आवास योजना एवं नाली निर्माण की मांग को लेकर सीईओ मनीष बागड़ी से चर्चा की। इस पर सीईओ ने उन्हें आश्वस्त किया कि नाली निर्माण का कार्य शीघ्र कराया जाएगा, जबकि पीएम आवास की स्वीकृति में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। इस पर वृद्धा तुलसा बाई ने भावुक होकर कहा, यदि मैं तब तक जीवित रही तो आवास का लाभ मिल पाएगा। उनके इस कथन ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। बता दें कि केंद्रीय मंत्री की मौसी तुलसा खटीक तेजगढ़ में रहती हैं। लगभग एक वर्ष पहले जब केंद्रीय मंत्री उनके घर आए थे तो उन्हें अधिकारियों से आश्वासन मिला था कि आपको पीएम आवास मिल जाएगा।
जनसुनवाई में क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित लगभग 20 से 25 आवेदन प्राप्त हुए। जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी सीजी गोस्वामी, जनपद पंचायत सीईओ मनीष बागड़ी, तहसीलदार विवेक व्यास, बीईओ नितेश पांडे नायब तहसीलदार चंद्रशेखर शिल्पी, महिला एवं बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर राजू नामदेव तथा अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कुछ विभागों के अधिकारियों ने स्वयं उपस्थित होने के बजाय अपने प्रतिनिधियों को भेजा। विद्युत विभाग से सुधीर पटेरिया सहित नगर परिषद एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि लोक निर्माण विभाग की एसडीओ मनीषा मोगनिया एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ पटेल जनसुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।