
Damoh son cremates father: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हटा में एक हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। घटना शहर के गांधी वार्ड की है यहां एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे एक व्यक्ति की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक घर में अकेला कमाने वाला था, वो अपने पीछे पत्नी व दो मासूम बच्चे छोड़ गया है। शनिवार को जब श्मशान घाट में पिता की चिता को डेढ़ साल के बेटे ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम हो गई।
शरद गांधी वार्ड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने पहुंचे 32 वर्षीय शरद नामदेव तीसरी मंजिल पर स्लैब डालने के दौरान ऊपर से गुजरी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार के लिए समाजसेवियों ने जुटाई राशि
शरद की मौत के बाद पत्नी प्रियंका के सामने अपने दो मासूम बच्चों की परवरिश का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। हालत यह थी कि अंतिम संस्कार के लिए भी पर्याप्त राशि नहीं थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद नगर के समाजसेवियों ने आर्थिक सहयोग जुटाकर पीड़ित परिवार की मदद की, जिसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।
जिस उम्र में बच्चे अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना सीखते हैं, उसी उम्र में शरद के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे ने जब उन्हें मुखाग्नि दी तो श्मशान घाट में मौजूद हर व्यक्ति के आंसू छलक पड़े। 32 वर्षीय शरद अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, जो मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। घटना के बाद शरद के परिजनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि भवन के ऊपर से विद्युत लाइन निकली है, निर्माण शुरू करने से पहले बंद अथवा स्थानांतरित नहीं कराया गया। मजदूरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए थे। परिजनों ने भवन निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मृतक की पत्नी प्रियंका नामदेव ने हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी को पुलिस अधीक्षक दमोह के नाम आवेदन सौंपकर मामले की जांच और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार ने शासन से आर्थिक सहायता के साथ पत्नी को नगर पालिका में रोजगार देने की गुहार लगाई है, ताकि बच्चों का पालन-पोषण हो सके। मामले में हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि परिजनों का आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।