
दंतेवाड़ा. बस्तर में शियासत गरम है। दंतेवाड़ा के दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की पत्नी उपचुनाव के रण में उतर चुकी हैं। इसके साथ उन्होंने ऐलान किया है कि वे उसी जगह से अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगी, जहां भीमा मंडावी की गाड़ी को ब्लास्ट करके माओवादियों ने उड़ाया है। श्यामगिरी के उसी जगह से ओजस्वी अपना चुनावी रथ शुरू करने जा रही हैं जहां अब भी हमले के निशान मौजूद हैं।
ऐसी स्थिति में दंतेवाड़ा पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। दंतेवाड़ा पुलिस फिलहाल ओजस्वी को संवेदनशील इलाके में भेजने के लिए तैयार नहीं है। अभी ओजस्वी को पर्याप्त सुरक्षा भी मुहैया नहीं करवाई गई है। दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हम उन्हें उस इलाके से प्रचार शुरू करने की इजाजत तभी देंगे जब हमारी वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत हो जाएगी। इससे स्पष्ट है कि ओजस्वी को श्यामगिरी से प्रचार अभियान शुरू करने दिक्कत हो सकती है।
श्यामगिरी दंतेवाड़ा का सबसे कम वोटिंग वाला इलाका
दंतेवाड़ा के कुआकोंडा ब्लॉक में आने वाले श्यामगिरी में भीमा मंडावी की शहादत के बाद इलाके के ग्रामीण वोट डालने जरूर जुटे थे लेकिन उनका प्रतिशत बेहद कम था। इस इलाके में माओवादी आए दिन वारदात को अंजाम देते रहते हैं। इस इलाके से लगे पालनार और नकुलनार के अलावा कई ऐसे बूथ हैं जहां वोटिंग प्रतिशत दंतेवाड़ा के अन्य बूथों से कम रहता है। वोट नहीं देने की माओवादी धमकी इस इलाके में हर चुनाव में प्रभावी नजर आती है। ऐसे में चुनाव करवाना और प्रत्याशियों को सुरक्षित माहौल देना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
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