
NMDC Recruitment: दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के बचेली स्थित एनएमडीसी लिमिटेड के बीआईओएम बचेली कॉम्प्लेक्स में प्रबंधन की नीतियों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति और बस संचालन को आउटसोर्स करने की तैयारी पर आपत्ति जताई है। यूनियन का कहना है कि एक ओर नियमित पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया लंबित है, वहीं दूसरी ओर रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
यूनियन अध्यक्ष चंद्रकुमार मंडावी ने इस संबंध में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) को पत्र भेजकर प्रबंधन के सामने अपनी आपत्तियां रखी हैं। यूनियन के मुताबिक कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पुनर्नियुक्ति को लेकर संपर्क किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि मौजूदा समय में सीमित मैनपावर के बावजूद नियमित कर्मचारी उत्पादन और अन्य जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति से न केवल नई भर्ती के अवसर प्रभावित होंगे, बल्कि वर्तमान कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
इंटक ने बचेली कॉम्प्लेक्स में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। यूनियन ने विशेष रूप से फील्ड अटेंडेंट (ग्रेड-1) और मेंटेनेंस अटेंडेंट (ग्रेड-2) के पदों का मुद्दा उठाया है। यूनियन का कहना है कि इन पदों के लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को लंबित रखने के बजाय जल्द से जल्द चयन प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए, ताकि रिक्त पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति हो सके और स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके।
यूनियन ने बस संचालन को निजी एजेंसी को आउटसोर्स करने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार बचेली परियोजना में कुल 21 बसें उपलब्ध हैं, जबकि नियमित संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 10 बसों की जरूरत होती है। इसके बावजूद निजी बसों के संचालन के लिए वर्क ऑर्डर जारी करने की तैयारी को यूनियन ने कंपनी के हित में नहीं बताया है।
इंटक का कहना है कि जब परियोजना के पास पहले से पर्याप्त संख्या में बसें मौजूद हैं, तो निजी बसों के लिए अतिरिक्त खर्च करना कंपनी के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डाल सकता है। यूनियन ने मांग की है कि बस संचालन से संबंधित आउटसोर्सिंग वर्क ऑर्डर को तत्काल रद्द किया जाए और उपलब्ध बसों तथा नियमित कर्मचारियों का बेहतर उपयोग किया जाए।
यूनियन ने कहा है कि कर्मचारियों और स्थानीय बेरोजगार युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले संगठन को विश्वास में लिया जाना चाहिए। इंटक का आरोप है कि नई भर्ती को लंबित रखकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति और बस संचालन को आउटसोर्स करने जैसे निर्णय कर्मचारियों के हितों के अनुरूप नहीं हैं।
संगठन ने प्रबंधन से मांग की है कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और बस संचालन में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाए। फिलहाल यूनियन की ओर से उठाए गए इन मुद्दों को लेकर बचेली कॉम्प्लेक्स में प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रबंधन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और लंबित भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।