दौसा-गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक पर 143 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है जो 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट से दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त मार्गों से सीधा जुड़ाव होगा।
दौसा-गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य अब तेजी से चल रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों को जल्द ही लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक ट्रेनों की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है। लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से हो रहे इस महत्वपूर्ण कार्य को रेलवे ने 2026 की शुरुआत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इस ट्रैक के पूरी तरह विद्युतीकृत होने के बाद यह एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। यह रूट दिल्ली-अहमदाबाद तथा दिल्ली-मुंबई सरीखे देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों को सीधे जोड़ेगा। विद्युतीकरण के बाद इलेक्ट्रिक इंजनों से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्र को सीधे लंबी दूरी की गाड़ियों का लाभ मिलेगा।
इस बदलाव का सीधा फायदा दौसा, लालसोट, बामनवास व गंगापुर सिटी सहित पूरे क्षेत्र को मिलेगा। लोगों के लिए बड़े शहरों तक आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। इसके साथ ही यह नई कनेक्टिविटी क्षेत्र के उद्योग-धंधों को भी नई रफ्तार देगी। जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आने की संभावना है।
वर्तमान में उत्तर भारत की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें, जिनमें वे ट्रेनें भी शामिल हैं जो कोटा, इंदौर, भोपाल, नागपुर और दक्षिण भारत की ओर जाती हैं।
ये ट्रेनें हिसार, रेवाड़ी, अलवर व जयपुर जैसे व्यस्त मार्गों से होकर सवाईमाधोपुर पहुंचती हैं। विद्युतीकरण पूरा होते ही इन ट्रेनों को सीधे दौसा, लालसोट, गंगापुरसिटी से होकर निकाला जा सकेगा। इससे जयपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का अनावश्यक दबाव कम होगा। साथ ही रेल यात्रियों को एक वैकल्पिक व सीधा मार्ग उपलब्ध होगा।
रेलवे ट्रैक पर वर्तमान में विद्युत पोल खड़े करने का कार्य तेजी से चल रहा है। मजदूर दिन-रात इस काम में जुटे हैं। पोल खड़े होने के बाद जल्द ही उन पर विद्युत लाइन खींचने का काम शुरू किया जाएगा। यह परियोजना काफी पुरानी है। दौसा-गंगापुर रेल परियोजना को मूल रूप से 1996-97 में स्वीकृति मिली थी। लेकिन काम पूरा होने में ढाई दशक से अधिक का समय लग गया।
परियोजना की धीमी गति के बावजूद इस ट्रैक पर पहली यात्री गाड़ी (अजमेर से गंगापुर सिटी) वर्ष 2024 में आचार संहिता लागू होने से कुछ ही घंटे पहले शुरू की गई थी, जिसके बाद अब विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा होने के बाद यह रेल लाइन क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।