दौसा

Dausa News: पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई पत्नी, 12 घंटे बाद थम गईं सांसें, गांव में पसरा सन्नाटा

Dausa Husband-Wife Died: दौसा के टूडियाना गांव में 65 साल तक साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपति ने महज 12 घंटे के अंतराल में दुनिया को अलविदा कह दिया। पति के निधन के कुछ घंटे बाद ही पत्नी ने भी अंतिम सांस ली, जिससे पूरा गांव भावुक हो गया।
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May 14, 2026
Dausa husband and wife died
मृतक पति-पत्नी। फाइल फोटो- पत्रिका

दौसा। जिंदगी कभी-कभी ऐसे पल छोड़ जाती है, जो लोगों की यादों में हमेशा के लिए बस जाते हैं। महुवा उपखंड के टूडियाना गांव में एक ऐसा ही भावुक मामला सामने आया, जिसने पूरे गांव को भावुक कर दिया। 65 साल तक साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपति ने महज 12 घंटे के अंतराल में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। गांव में अब यह घटना प्रेम, समर्पण और पति-पत्नी के अटूट रिश्ते की मिसाल बन गई है।

गांव में शोक का माहौल

ग्राम पंचायत टूडियाना के प्रशासक घनश्याम गुर्जर ने बताया कि गांव निवासी गुलाब गुर्जर (85) का बुधवार सुबह करीब 5 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल छा गया। ग्रामीणों और परिवारजनों ने नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार किया, लेकिन परिवार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ घंटे बाद शाम को उनकी पत्नी रेशम देवी (82) ने भी अंतिम सांस ले ली। बताया जा रहा है कि पति के निधन का सदमा वह सहन नहीं कर सकीं।

ग्रामीणों ने दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की

इसके बाद उसी दिन उनका भी अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार को गांव में दोनों की संयुक्त “तीये की बैठक” आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गांव के लोगों के अनुसार गुलाब गुर्जर और रेशम देवी का रिश्ता पूरे इलाके में प्रेम और अपनत्व की मिसाल माना जाता था। दोनों ने जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया। पिछले तीन महीने से रेशम देवी की तबीयत खराब चल रही थी। इस दौरान गुलाब गुर्जर पूरी रात कुर्सी पर बैठकर पत्नी की देखभाल करते थे। उम्र के अंतिम पड़ाव में भी उनका समर्पण और प्रेम लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ था।

परिवार के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही गुलाब गुर्जर ने कहा था कि मैं अपनी धर्मपत्नी से पहले जाऊंगा। संयोग ऐसा रहा कि उनकी यह बात सच साबित हो गई। भतीजे सियाराम डीलर ने बताया कि दोनों के बीच कभी विवाद नहीं हुआ। शादी के बाद से लेकर अंतिम समय तक दोनों ने प्रेम और आपसी समझ के साथ जीवन बिताया। गांव के लोग आज भी भावुक होकर यही कह रहे हैं कि सबको आवाज देकर बुलाने वाला गुलाब अब अपनी जीवनसंगिनी के साथ हमेशा के लिए चला गया। दोनों के निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव खुद को सूना महसूस कर रहा है।

Published on:
14 May 2026 08:57 pm