
मंडावर। राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के पाखर चौड़ा की गांव निवासी 23 वर्षीय युवक वीर बहादुर उर्फ गोलू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार को क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर मंडावर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। महिलाओं की चीख-पुकार और ग्रामीणों के आक्रोश के बीच हॉस्पिटल रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रास्ता भी जाम कर दिया गया, जिससे गांधी चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रहा ।
सूचना पर सीओ अनूप सिंह, महुवा थानाधिकारी महेंद्र यादव, एडिशनल एसपी शंकर लाल, योगेंद्र फौजदार और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बाद में क्षेत्र के विधायक राजेंद्र मीणा ने मौके पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया । MLA राजेंद्र मीणा ने परिजनों को 3 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ ।
परिजनों के अनुसार वीर बहादुर उर्फ गोलू पुत्र पप्पू राम मीणा गुरुवार रात को खाना खाकर सोया था। शुक्रवार सुबह गोलू अपने बिस्तर पर नहीं मिला तो तलाश करने पर उसका शव घर के आंगन में पशुओं के चारे (तूड़ा) में दबा हुआ मिला। मृतक के पिता पप्पू राम पुत्र रामसिंह मीणा ने अपने भाई बजरंग मीणा के साथ गोलू के शव को बाहर निकाला। परिजनों ने गोलू की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है और गले पर निशान होने का दावा किया है ।
पुलिस ने पप्पू राम मीणा की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । वहीं राजकीय अस्पताल मंडावर में गठित मेडिकल बोर्ड की टीम नरसी राम मीणा, विजय नामा और अशोक मीणा ने मृतक युवक के शव का पोस्टमार्टम किया ।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और पाखर चौड़ा की गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सीओ अनूप सिंह ने बताया कि हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच महेंद्र यादव को सौंपी गई है। युवक गोलू की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगा।
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