
Badrinath Donation Theft Case: बद्रीनाथ धाम में भक्तों के चढ़ावे की चोरी का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान के परिसर पर छापा मारा। इस दौरान कई देशों की मुद्राएं, महंगा केसर और कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजेंद्र चौहान को सुबह लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। चार घंटे की पूछताछ में जब वह टूटा तो उसने कुछ सुराग दिए। उसी के आधार पर बद्रीनाथ धाम इलाके में उसके घर और संबंधित जगहों पर छापेमारी की गई। एसआईटी अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि केसर के अलावा कुछ अन्य सामान भी मिला है। विदेशी करेंसी भी बरामद हुई है, लेकिन नकदी के बारे में आरोपी सहयोग नहीं कर रहा।
मामला जून महीने का है। सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान को 22 जून, 25 जून और 29 जून को दान की नकदी की गड्डियां जेब में रखते साफ देखा गया। यही फुटेज अब मुख्य सबूत बन गया है। एसआईटी ने इसे देखते हुए उसे तलब किया और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। कल 18 जुलाई को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की पूछताछ और रिमांड की मांग की जाएगी।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पहले ही 18 पेज की अपनी आंतरिक रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी है। नई सीसीटीवी फुटेज से और कुछ लोगों की पहचान हो रही है। मंदिर के सीईओ सोहन सिंह रंगड़ और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से भी पूछताछ चल रही है। एसआईटी के अधिकारी खुद मंदिर के सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठकर रोजाना दान की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं।
जांच में सामने आ रहा है कि गिनती वाले कमरे में दान की नकदी, सोने-चांदी के सिक्के और चढ़ावे के लिफाफे संदिग्ध तरीके से गायब हो रहे थे। एक छोटे से समय में यह सब होता था और फिर सामान को बाहर ले जाया जाता था। राजेंद्र चौहान पर आरोप है कि वह इस पूरे गड़बड़झाले में मुख्य भूमिका में था।
भक्तों के चढ़ावे से छेड़छाड़ की खबर पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है। बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना लोगों के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी हुई रकम कितनी है, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेशी करेंसी कहां से आई।