
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, कृषि, पर्यटन, कारागार, पशुपालन और चारधाम यात्रा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे प्रमुख निर्णय उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने और उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कटऑफ तिथि बढ़ाने का रहा।
मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन के लाभ की कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दी है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का फैसला लिया। सरकार के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षा संचालन व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के तहत अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी गई। रैली के आयोजन की जिम्मेदारी मद्रास की एक संस्था को सौंपी जाएगी। इसमें करीब 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की संभावना है।
कृषि विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सेलाकुई स्थित सगंध एवं हर्बल केंद्र में मिलावट जांच की आधुनिक सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए पांच नए पदों को भी मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश के हर्बल और सुगंधित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए सरकार बीमा सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक आधारित गौवंश पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे बेहतर नस्ल के पशुओं का विकास और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी।
बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खंडूड़ी ने प्रदेश में सुशासन और विकास की मजबूत नींव रखी, जबकि जसपाल राणा ने अपनी खेल उपलब्धियों से उत्तराखंड और देश का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दोनों दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।