
देवरिया. जिले में बीते दिनों आयी बाढ़ के कारण बांधों और सड़कों को पहुंची क्षति को लेकर केंद्र सरकार गम्भीर दिख रही है। सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि बाढ़ की विभीषिका से आमजन को कैसे बचाया जाए। ऐसा आज केंद्रीय टीम के जिले में आने और बाढ़ क्षेत्र में गंभीरता से आंकलन करते समय दिखा।
इसे भी पढ़ें
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवी धरम रेड्डी के नेतृत्व में पहुंची केंद्रीय टीम ने आज बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने बाढ़ हुए नुकसान का आकलन करने के साथ ही भविष्य में बाढ़ से बचाव की योजनाएं बनाने की संभावनाओं पर भी विचार विमर्श किया। इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी के अलावा एसडीएम रुद्रपुर, सलेमपुर व सदर भी टीम के साथ मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें
मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बुधवार को करीब 11 बजे रुद्रपुर तहसील पहुंची। टीम ने यहां पर पहले से ही मौजूद स्थानीय अधिकारियों के साथ मीटिंग कर बाढ़ की विस्तृत जानकारी ली। ततपश्चात दोआबा के सचौली पटवनिया गांव के पास नगवां-छपरा बांध पर हुए कटान को देखने टीम निकल पड़ी। साथ ही इस टीम ने नरायनपुर-नगवां मार्ग पर हुए लम्बे कटान का भी जायजा लिया। केंद्रीय टीम ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों व पुलों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों का काफिला पचलड़ी चौराहा पर पहुंचा। यहां भागड़ा नाला के पास करहकोल मार्ग पर हुए कटान को देखा।
इसे भी पढ़ें
राहुल गांधी को 16 दिसम्बर को शपथ लेने से क्यों मना कर रहे हैं भाजपा के ये राष्ट्रीय नेता
लोकनिर्माण विभाग की ओर से मौजूद अवर अभियंता ने मौके की स्थिति को दिखाते हुए बताया कि कटान स्थल पर जब तक 100 लम्बे लघु पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक इस प्रकार के विभिषिका के निजात नहीं मिलेगा। संयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार बाढ़ को लेकर संवेदनशील है और इसका स्थायी निदान निकाला जाएगा। इसके लिए टीम अपनी पूरी रिपोर्ट सौंपेगी।
बताते चलें कि जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद की पहल पर केंद्रीय टीम रुद्रपुर आई थी। राज्यमंत्री ने पिछले दिनों दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर बाढ़ से हुए बर्बादी की जानकारी दी थी। यही नहीं वे नितिन गडकरी से भी मिले थे। राज्यमंत्री ने बताया कि इस टीम की रिपोर्ट पर जल्द ही बाढ़ से बचाव की कई परियोजनाओं पर कार्य शुरू होगा। इसके अलावा बाढ़ से बदहाल क्षेत्र की सड़कें भी ठीक की जाएंगी।
by Surya Prakash Rai