सांसद रहते हुए उन्होंने संसद की गृह मामलों की समिति, आचार समिति और रेलवे परामर्शदात्री समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संसदीय अनुभव से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अलग पहचान बनाई थी।उनके निधन को देवरिया के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। एक ओर देश ने अनुभवी सैन्य अधिकारी खोया है, वहीं देवरिया ने अपने पूर्व सांसद और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को खो दिया है।