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पूर्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाशमणि त्रिपाठी का निधन, देवरिया में शोक की लहर

Deoria news: गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल में 11:45 बजे ली श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी ने अंतिम सांस ली। वह दो बार रहे देवरिया के सांसद, उनके पुत्र शशांक मणि त्रिपाठी वर्तमान में हैं सांसद
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देवरिया

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anoop shukla

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Updated: 8 Nov 2026, 1:29 PM IST

Up news, deoria

Late sri prakash mani (सोर्स: सोशल मीडिया)

Lt Sri PrakashMani Died: देवरिया के पूर्व सांसद और भारतीय सेना के पूर्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाशमणि त्रिपाठी का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने गुरुग्राम स्थित वेदांता अस्पताल में सुबह 11:45 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बरपार सहित पूरे देवरिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पुत्र शशांक मणि त्रिपाठी वर्तमान में देवरिया लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।

1955 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किए

लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाशमणि त्रिपाठी का जन्म देवरिया जिले के बरपार गांव में हुआ था। जून 1955 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत की। करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं और देश के उप सेना प्रमुख जैसे प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे।

AVSM, PVSM से सम्मानित थे

उनका सैन्य जीवन कई महत्वपूर्ण अभियानों और उपलब्धियों से जुड़ा रहा। वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा नागालैंड और मिजोरम में चलाए गए सैन्य अभियानों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। देश की सुरक्षा और सैन्य सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 1986 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और वर्ष 1992 में परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया गया।

वर्ष 2004 तक उन्होंने सांसद के रूप में देवरिया का प्रतिनिधित्व किया

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा और राजनीति को अपनी कर्मभूमि बनाया। वर्ष 1996 में 11वीं लोकसभा के चुनाव में वह पहली बार देवरिया से सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1999 में 13वीं लोकसभा के चुनाव में दूसरी बार जीत दर्ज कर संसद पहुंचे। वर्ष 2004 तक उन्होंने सांसद के रूप में देवरिया का प्रतिनिधित्व किया।

सांसद रहते हुए उन्होंने संसद की गृह मामलों की समिति, आचार समिति और रेलवे परामर्शदात्री समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संसदीय अनुभव से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अलग पहचान बनाई थी।उनके निधन को देवरिया के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। एक ओर देश ने अनुभवी सैन्य अधिकारी खोया है, वहीं देवरिया ने अपने पूर्व सांसद और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को खो दिया है।