जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीमों ने कहा कि रास्ते में छेड़छाड़, पीछा करने, अभद्र व्यवहार, घरेलू हिंसा या किसी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो चुप न रहें। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। शिकायत मिलने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। महिलाओं और बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने, हुनर सीखने और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस ने समझाया कि किसी भी परेशानी में मदद मांगने से डरने या संकोच करने की जरूरत नहीं है।