
Chhattisgarh Electricity News: धमतरी जिले के शासकीय कार्यालयों में 1 अगस्त से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली आपूर्ति जारी रखने के लिए तीन माह का अनुमानित बिजली शुल्क अग्रिम जमा करना अनिवार्य होगा। समय पर राशि जमा नहीं होने पर संबंधित कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। विद्युत विभाग के सहायक यंत्री भारत लाल सिन्हा ने बताया कि धमतरी शहर के 526 शासकीय कार्यालय, जिनमें नगर निगम के 283 कार्यालय शामिल हैं, इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। हालांकि नल-जल योजनाओं, स्ट्रीट लाइट और अन्य जनहित से जुड़े बिजली कनेक्शनों को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विभाग के सभी बिजली कनेक्शनों का एक समूह बनाया जाएगा और उसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। विभाग की औसत मासिक बिजली खपत के आधार पर तीन माह का अनुमानित शुल्क अग्रिम जमा करना होगा। अग्रिम राशि समाप्त होने से पहले नोडल अधिकारी को मोबाइल पर सूचना भेजी जाएगी, ताकि समय पर अगला भुगतान किया जा सके। विभाग ने पुराने बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए भी राहत दी है। जुलाई तक का बकाया फ्रीज कर उसे चार समान किश्तों में बांटा जाएगा। प्रत्येक अग्रिम भुगतान के साथ बकाया की एक किश्त समायोजित होती जाएगी, जिससे विभागों पर एकमुश्त भुगतान का दबाव नहीं पड़ेगा।
धमतरी शहर में 10 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल बकाया रखने वाले 90 उपभोक्ताओं को अंतिम चेतावनी संदेश भेजा गया है। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं करने पर उनके बिजली कनेक्शन ऑनलाइन काट दिए जाएंगे। सहायक यंत्री भारत लाल सिन्हा ने बताया कि बकाया वसूली अभियान लगातार जारी है। पिछले दो से तीन महीनों में 316 बकायेदारों के बिजली कनेक्शन ऑनलाइन विच्छेदित किए गए, जिससे 1.20 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल की गई। बकाया जमा होने के बाद बिजली कनेक्शन दोबारा चालू किया जाएगा।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी कार्यालयों को समय पर अग्रिम राशि जमा करनी होगी। भुगतान में देरी होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित हो सकती है। विभाग का मानना है कि इससे बिजली बिलों की बकाया समस्या कम होगी और सरकारी विभागों में भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनेगी।