
Swine Flu Case in CG: देशभर में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बीच धमतरी जिले में भी संक्रमण के 8 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें कुरुद क्षेत्र के 6 और धमतरी शहरी क्षेत्र के 2 मरीज शामिल हैं।
जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर उपचार और निगरानी की गई। वर्तमान में सभी मरीज स्वस्थ हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की आशंका को देखते हुए निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा ने बताया कि कुरुद क्षेत्र में 6 और धमतरी शहरी क्षेत्र में 2 लक्षण वाले मरीज मिले थे। सर्दी-बुखार सहित अन्य लक्षणों के आधार पर इनके नाक और गले से स्वाब सैंपल लिए गए। सैंपल जांच के लिए रायपुर स्थित मेकाहारा भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में सभी 8 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
इधर, लगातार सामने आए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। घर-घर सर्वे कराया जा रहा है और लंबे समय से सर्दी-बुखार से पीड़ित मरीजों की विशेष जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का जोर ऐसे मरीजों की समय पर पहचान और जांच पर है, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
स्वाइन फ्लू की निगरानी के लिए जिले में अलग से कमेटी भी गठित की गई है। प्रत्येक ब्लॉक में 6 से 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी ब्लॉकों के आरएचओ और सीएचओ को लक्षण वाले मरीज मिलने पर विशेष एहतियात बरतने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों के उपचार को लेकर जिला अस्पताल में भी तैयारी की है। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए 5 बेड आरक्षित रखे गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
विभाग की निगरानी व्यवस्था अब दो स्तरों पर काम कर रही है। एक ओर घर-घर सर्वे के जरिए संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल स्तर पर गंभीर या जरूरतमंद मरीजों के उपचार की तैयारी रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लंबे समय तक सर्दी-बुखार, खांसी या अन्य संबंधित लक्षण बने रहने पर इसे सामान्य बीमारी मानकर नजरअंदाज न करें और समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।