
मध्यप्रदेश में जमीन-मकान-प्लॉट के पंजीयन में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरानी रजिस्ट्रियों पर सरकार ने बड़ी सहूलियत दी है। इनका नवीनीकरण कर डिजिटल रूप दिया जा रहा है। प्रदेश भर में रजिस्ट्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का कार्य तेजी से चल रहा। इसके अंतर्गत धार जिले में जिला पंजीयक विभाग पुरानी रजिस्ट्रियों को डिजिटल बनाने के काम में जुटा हुआ है। जिले में 2.20 लाख रजिस्ट्रियां ऑनलाइन हो जाएंगी, पुरानी रजिस्ट्रियां डिजिटल होते ही लोगों को घर बैठे ही इसकी सत्यापित कॉपी मिल जाएगी। इसके लिए पंजीयन विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वित्तीय वर्ष का लक्ष्य पूरा करने के साथ जिला पंजीयक कार्यालय के कर्मचारी, अधिकारी रजिस्ट्री ऑनलाइन करने का कार्य कर रहे हैं। पुरानी रजिस्ट्रियों को नए सिरे से डिजिटल रूप दिया जा रहा है। इससे न केवल आसानी से रजिस्ट्री देख सकेंगे बल्कि उसकी प्रतिलिपि भी निकाल सकेंगे।
पंजीयन विभाग ने जिले में करीब 2 लाख 20 हजार रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन करने की तैयारी की है। अभी तक 2 हजार से अधिक दस्तावेजों का सत्यापन भी हो चुका है। पहले चरण में 1 अप्रैल 2006 से 31 जुलाई 2015 तक की रजिस्ट्रियों को स्केन करके पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार अगस्त 2015 के बाद की ई-रजिस्ट्रियां ही ऑनलाइन सर्च की जा सकती हैं और उनकी सत्यप्रतिलिपि डाउनलोड की जा सकती हैं। इससे पूर्व रजिस्ट्रियां फिजिकल स्टांप और पेपर पर लिखी जाती थीं। ये रजिस्ट्रियां अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। इनके लिए संबंधित लोगों को उप पंजीयक कार्यालय जाना पड़ता है।
पंजीयक और स्टांप विभाग के पास 2015 के बाद की रजिस्ट्रियों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है। अब इसके पहले की रजिस्ट्रियों को भी स्कैन कर डिजिटल फॉर्मेट में डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। रजिस्ट्री की हॉर्ड कॉपी को स्कैन करने का काम जून से शुरू कर दिया गया था। ऑनलाइन सर्च और सत्यापित प्रतिप्राप्त होने से आम नागरिक आसानी से प्रापर्टी के दस्तावेज, कोई बंधक या भार आदि के विषय में जानकारी ले सकेंगे।
एक क्लिक में उपलब्ध होगी सत्यापित कॉपी
सरकार द्वारा आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए यह कवायद की जा रही है। शुरुआत में 2015 से पिछले 20 सालों की कृषि भूमि की रजिस्ट्री और पिछले 15 सालों की रेसीडेंशियल रजिस्ट्री को डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जरूरत होने पर एक क्लिक पर ऑनलाइन रजिस्ट्री की सत्यापित कॉपी उपलब्ध होगी।
पंजीयन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक सर्वाधिक 800 दस्तावेज धार में ऑनलाइन किए गए हैं। इसी प्रकार सरदारपुर में 200, धरमपुरी में 100, बदनावर में 400, कुक्षी में 100 और मनावर में 200 दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं।
धार के जिला पंजीयक प्रभात वाजपेयी बताते हैं कि डिजिटल रजिस्ट्रियां होने से विभाग का समय बचेगा। साथ ही कार्यालय आने वाले लोगों के पैसे और चक्कर बचेंगे। विभाग ने यह कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही डिजिटल रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन करने का कार्य पूर्ण कर लेंगे।