
sawan सावन के माह में जहां चारों ओर बारिश का दौर चल रहा है वहीं तीज त्योहारों की धूम भी है। आज बुधवार को सावन की अमावस्या यानि हरियाली अमावस्या मनाई जा रही है। यह दिन शिव पूजन के साथ पितरों को भी समर्पित है। 12 अगस्त को अमावस्या के साथ ही सावन कृष्ण पक्ष का समापन हो जाएगा। 13 अगस्त को सावन माह का शुक्ल पक्ष प्रारंभ हो जाएगा। 15 दिनों के इस पक्ष में भी कई प्रमुख तीज त्योहार पड़ेंगे। सावन शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा तिथि से लेकर पूर्णिमा तक 7 प्रमुख पर्व आएंगे। इनमें नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार शामिल हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई ने बताया कि वर्ष 2026 में सावन (श्रावण) मास के शुक्ल पक्ष की शुरुआत 13 अगस्त से होगी। इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन व पूर्णिमा के साथ होगा। इस पक्ष में कई प्रमुख पर्व आएंगे। हरियाली तीज (15 अगस्त), नाग पंचमी (17 अगस्त), पुत्रदा एकादशी (23 अगस्त) और रक्षाबंधन (28 अगस्त) जैसे पर्व पड़ेंगे।
सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, सुहागिन महिलाओं को समर्पित है। इसे हरियाली तीज कहा जाता है जोकि 15 अगस्त यानि शनिवार को पड़ेगी। 16 अगस्त को रविवार के दिन विनायक चतुर्थी रहेगी। 17 अगस्त को पंचमी तिथि बहुत विशेष है। सावन के तीसरे सोमवार के साथ इस दिन नाग पंचमी भी मनाई जाएगी।
23 अगस्त रविवार के दिन श्रावण पुत्रदा एकादशी रहेगी। इस दिन संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखने का महत्व है। 24 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार रहेगा। 27 अगस्त को गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत रहेगा जोकि शिव पूजा के लिए समर्पित है। 28 अगस्त यानि शुक्रवार के दिन भाई बहन का स्नेह पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा के साथ ही सावन मास का समापन भी हो जाएगा।
13 अगस्त (गुरुवार): प्रतिपदा तिथि के साथ सावन शुक्ल पक्ष प्रारंभ
15 अगस्त (शनिवार): हरियाली तीज (तृतीया तिथि)- सुहागिनों के व्रत का दिन
16 अगस्त (रविवार): विनायकी चतुर्थी
17 अगस्त (सोमवार): नाग पंचमी और तीसरा सावन सोमवार
23 अगस्त (रविवार): पुत्रदा एकादशी- संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत
24 अगस्त (सोमवार): चौथा व अंतिम सावन सोमवार
27 अगस्त (गुरुवार): शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत
28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा, सावन मास का समापन