धौलपुर

धौलपुर में तहसीलदार का रीडर 4 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, 14 हजार ले चुका था पहले

धौलपुर जिले के सैंपऊ तहसील कार्यालय में एसीबी ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार के रीडर वीरेन्द्र सिंह को 4 हजार रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमीन विभाजन की फाइल पर कार्रवाई के बदले कुल 18 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है।
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Aug 05, 2026
Dholpur ACB
Dholpur ACB: एसीबी की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

धौलपुर। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैंपऊ तहसील कार्यालय में तैनात तहसीलदार के रीडर एवं वरिष्ठ सहायक वीरेन्द्र सिंह को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार आरोपी ने जमीन के विभाजन संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के बदले परिवादी से कुल 18 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ही 14 हजार रुपए ले चुका था, जबकि शेष 4 हजार रुपए काम पूरा होने पर लेने तय हुए थे। मामले में परिवादी ने तहसीलदार की भूमिका पर भी आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच की जा रही है।

एसीबी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, परिवादी की माता ने ग्राम बरा, पटवार क्षेत्र मालोनी खुर्द में 8 बिस्वा जमीन खरीदी थी। जमीन का नामांतरण पहले ही दर्ज हो चुका था। इसके बाद भूमि के विभाजन के लिए एसडीएम न्यायालय सैंपऊ में वाद दायर किया गया। न्यायालय ने 25 मार्च 2026 को आदेश जारी कर आगे की कार्रवाई के लिए मामला तहसीलदार सैंपऊ को भेज दिया था।

आरोप है कि जब परिवादी इस संबंध में तहसील कार्यालय पहुंचा तो रीडर वीरेन्द्र सिंह ने फाइल पर कार्रवाई करने के बदले 18 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।

शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल

परिवादी ने 19 जून 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सत्यापन से पहले 10 हजार रुपए और बाद में 4 हजार रुपए प्राप्त कर चुका था।

बुधवार को एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से शेष 4 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की राशि उसकी पैंट की जेब से बरामद की गई।

भरतपुर रेंज की निगरानी में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई एसीबी भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में की गई। धौलपुर एसीबी चौकी के पुलिस उपाधीक्षक प्रेमचंद मीणा के नेतृत्व में टीम ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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तहसीलदार की भूमिका भी जांच के दायरे में

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। परिवादी द्वारा तहसीलदार पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की अनुसंधान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
05 Aug 2026 06:44 pm
Published on:
05 Aug 2026 06:40 pm