धौलपुर में भाजपा नेत्री नीरजा शर्मा और उनकी पुत्री मालविका के बीच विवाद हाई-प्रोफाइल पुलिस केस में बदल गया है। दोनों पक्षों की ओर से एफआइआर दर्ज होने के बाद मामला अब जांच के दायरे में पहुंच गया है।
धौलपुर। भाजपा नेत्री नीरजा शर्मा ने भी धौलपुर शहर की कोतवाली थाने में पुत्री मालविका शर्मा और पुत्र दुष्यंत के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है। रिपोर्ट में दोनों पर घर खाली कर दूसरे स्थान पर जाने के लिए कहने तथा मारपीट करने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया कि मारपीट के दौरान मां को जमीन पर पटक दिया गया।
घटनाक्रम के दौरान बहन वारिसा पहुंचीं और बचाया, वहीं नौकर छोटू भी आया और बचाव किया। पुलिस ने हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले बुधवार को भाजपा नेत्री शर्मा का मेडिकल कराया गया। बता दें कि मंगलवार को भाजपा नेत्री की पुत्री मालविका शर्मा ने मां नीरजा शर्मा और मौसी वारिजा भारद्वाज पर मारपीट तथा मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराई थी।
उधर, पुत्री मालविका रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद निवास स्थान जगन भवन नहीं पहुंचीं और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मंगलवार रात एक होटल में भाई दुष्यंत के साथ रुकीं। बुधवार को भी शाम तक आवास पर नहीं गईं। मालविका ने कहा कि वह केवल न्याय चाहती हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेत्री नीरजा शर्मा ने गत विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इससे पहले राजाखेड़ा विधानसभा सीट से उनके पति अशोक शर्मा चुनाव लड़े थे। करीब साढ़े तीन वर्ष पहले अशोक शर्मा के निधन के बाद भाजपा ने राजाखेड़ा से उन्हें उम्मीदवार बनाया था। वह पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता बनवारी लाल शर्मा की पुत्रवधू हैं।
एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के फोन बजने लगे। उस समय डीएम और एसपी जेल में हुए हंगामे के चलते अंदर मौजूद थे। जयपुर से उच्चाधिकारियों के फोन पहुंचने पर एसपी ने सैंपऊ एसएचओ प्रवेंद्र रावत को मौके पर भेजा, जिन्होंने निवास पर पहुंचकर वार्ता की। वहीं एसपी ने भी दोनों पक्षों से बातचीत की।
भाजपा नेत्री मालविका शर्मा ने ताजा घटनाक्रम के बाद कहा कि वह और उनका भाई एनजीओ के जरिए समाजसेवा कर रहे हैं। यदि इससे किसी को परेशानी है तो यह बेवजह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका किसी अन्य क्षेत्र में जाने का इरादा नहीं है और जब सही समय आएगा तब निर्णय लेंगी।
मालविका ने बताया कि वह घर पर नहीं रुकीं क्योंकि उन्हें अपनी और भाई की सुरक्षा को लेकर चिंता है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग करेंगी। यदि फिर भी न्याय नहीं मिला तो जयपुर और उसके बाद दिल्ली में गुहार लगाएंगी। मालविका ने कहा कि यह पारिवारिक मामला है और इस पर वह अधिक नहीं बोलना चाहतीं।
उन्होंने बताया कि उनकी एनजीओ जिले में रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं के स्वास्थ्य आदि विषयों पर काम कर रही है और करीब 18 हजार महिलाओं से जुड़े हुए हैं। नीति आयोग को भी रिपोर्ट दी है और आकांक्षी योजना में बताए बिन्दुओं पर सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सखी कार्यक्रम में उनकी संस्था आईआईएम बेंगलुरु के सहयोग से कार्य कर रही है। उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।
घटनाक्रम में दूसरी एफआइआर भी रात में दर्ज हो गई। एफआइआर कर्ता नीरजा शर्मा का मेडिकल कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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