
अतिक्रमण हटाता दस्ता। फोटो- पत्रिका
राजाखेड़ा। उपखण्ड मुख्यालय पर बालिका विद्यालय के लिए 2002 में आवंटित 13 बिस्वा बेशकीमती अतिक्रमित जमीन पर कलक्टर श्रीनिधि बीटी के कड़े तेवरों के बाद उपखण्ड प्रशासन और नगर पालिका की नींद खुली और अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया।
हालांकि शिकायतकर्ता बालिका विद्यालय जमीन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कार्रवाई को अपूर्ण बताते हुए विद्यालय को आवंटित पूरी जमीन नक्शानुसार दिलवाकर तुरंत ही बाउंड्रीवाल लगवाने की मांग उठाई। उधर, घटनाक्रम से पहले स्वायत्त शासन विभाग ने कार्यवाहक राजाखेड़ा ईओ को प्रशासनिक वजहों से हटाते हुए मनियां ईओ विष्णु परमार को चार्ज सौंपा। इससे पहले पालिका की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों के तहत चलाए गए अभियान के बाद दो दशक पूर्व हाट मैदान बाईपास पर 13 बिस्वा जमीन एक गली में निजी और बेहद छोटे व अमानवीय हालातों में चल रहे बालिका विद्यालय के लिए आवंटित की गई थी, जिससे उस पर आधुनिक भवन बन सके।
बजट के अभाव में विद्यालय ने चारदीवारी नहीं करवाई और जमीन पर भू-माफिया की नजर पड़ गई, जिसने धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लिया। पत्रिका ने अतिक्रमण को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थीं, जिस पर जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
लगातार शिकायतों के बाद जब तहसीलदार कार्यालय ने तीन वर्ष पूर्व जांच की तो उन्हें भूमि मिली ही नहीं और आबादी क्षेत्र होने के कारण पटवारियों ने जगह नापने में ही असमर्थता जाहिर कर दी। जिस पर आंदोलनकारी जिला कलक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने भू-प्रबंधन विभाग भरतपुर को जगह चिह्नित करने के निर्देश दिए, लेकिन अतिक्रमियों के रसूख के चलते उन्हें भी यहां चार बार आना पड़ा, तब जाकर पिछले पखवाड़े भूमि चिह्नित हो पाई।
इसके बाद भी नगर पालिका अधिकारियों ने फिर गली निकाल ली और मौका मजिस्ट्रेट, अधिशासी अधिकारी, पुलिस बल और बुलडोजर मौके पर होने के बाद भी अतिक्रमण हटाने के लिए बालिका विद्यालय को पाबंद कर दिया। उनका कहना था कि जब ताकतवर प्रशासन ही पीछे हट रहा है तो कमजोर महिला अध्यापिकाएं कैसे अतिक्रमण हटवा सकती हैं। वहीं पालिका ने विद्यालय को पट्टा ही सरेंडर करने के निर्देश दे दिए। जब सारा प्रकरण कलक्टर के संज्ञान में आया तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए और अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। तब अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।
स्थानीय प्रशासन नगर पालिका प्रशासन के साथ उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा, तहसीलदार दीप्ति देव, मनियां सीओ खलील अहमद, थानाधिकारी गंभीर सिंह, अधिशासी अधिकारी विष्णु परमार, भारी पुलिस बल और पूरी तैयारी के साथ हाट मैदान स्थित अतिक्रमित भूमि पर पहुंचे। जहां उन्होंने पूर्व चिह्नित किए गए स्थानों पर जेसीबी चलाना शुरू किया और अतिक्रमित बालिका विद्यालय की भूमि से अस्थायी मकानों व दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया।
नगर पालिका प्रशासन ने बेशकीमती जगह को अतिक्रमण मुक्त करवाने के स्थान पर शहर से दूर चौधरी बाग रोड पर भूमि आवंटित कर दी, जो अतिक्रमियों को सीधा ही लाभ पहुंचाने जैसा था। आंदोलन के दौरान भी अतिक्रमियों को बचाने का भरपूर प्रयास किया गया। पालिका प्रशासन की कार्यशैली उक्त मामले में सवालों के घेरे में रही।
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Updated on:
10 Mar 2026, 4:41 PM IST
Published on:
10 Mar 2026, 4:41 PM IST
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