
Dholpur Rajakhera News: राजाखेड़ा (धौलपुर): गढ़ी जोनावद गांव में घर के ऊपर से गुजर रही ढीली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए और शव को लेकर शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिस पर थाना पुलिस भी चिकित्सालय पहुंच गई। ग्रामीण भाजपा नेता लोकेंद्र सिंह चौहान के साथ मृतक किशोर के पिता विजय सिंह पुत्र कुवंर सिंह निवासी गढ़ी जौनावद को लेकर थाना पहुंचे और मामला दर्ज कराया कि प्रार्थी ने विद्युत विभाग की हाई वॉल्टेज लाइन घर के ऊपर से गुजरने की शिकायत एक महीने पहले से की जा रही थी, जिसके लिए विद्युत विभाग के एईएन आनंद कुमार जेइएन विशाल दोनों को शिकायत दर्ज कराई तथा इस स्थिति के बारे में अवगत कराया।
एईएन ने मौका मुआयना करने पर हाई वॉल्टेज लाइन 1.50 लाख रुपए मांग की और काम के प्रति लापरवाही की गई, जिससे उनका पुत्र कृष्णा (17 वर्ष) की हाई वॉल्टेज लाइन से मौके पर ही मौत हो गई। जो विद्युत विभाग की लापरवाही के द्वारा की गई हत्या है। यह हत्या एईएन आनंद तिवारी और जेईएन विशाल जायसवाल की घोर लापरवाई से हुई है।
प्राथमिकी दर्ज कराते समय मृत किशोर का पिता थाने में बुरी तरह फफक उठा और बार-बार बेसुध होने लगा। वह बार-बार एक ही बात रट रहा कि कोतवाल साहब बिजली वालों ने मेरे जवान बेटे को मार दिया। लोग उसे पानी पिलाकर होश में लाते नजर आ रहे थे।
हाईटेंशन लाइनों को लेकर निगम की स्थिति हमेशा से ही खतरनाक और सर्वविदित रही है। कुछ वर्ष पूर्व भी एक किशोर एक यूटिलिटी वाहन पर बैठ कर गढ़ी जोनावद जा रहा था और गांव के पास ही झूलती लाइन के संपर्क में आकर जान गंवा बैठा था। कुछ महीने पूर्व इसी गांव के कुछ ही पास समोना इलाके में एक स्लीपर बस भी ऐसी ही झूलती लाइन की चपेट में आकर स्वाह हो गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई।
हाईटेंशन लाइन ट्रांसफर निगम की ऐसी लापरवाही है, जो हमेशा जानलेवा ही साबित हुई है। शहरी क्षेत्र में परशुराम धर्मशाला के पास टीकाराम के मकान के ऊपर गुजर रही लाइन को हटाने को निगम पांच वर्ष पूर्व डिमांड नोटिस भरवाकर भी लाइन नहीं हटा पाया है और उससे कई बार दुर्घटना हो चुकी है। पीड़ित न्यायालय भी गया और वहां के आदेशों के बाद भी लाइन शिफ्ट नहीं हुई, तब अवमानना की शिकायत की गई पर निगम नहीं जागा।