
Dacoit Jagan Gurjar and Girraj Singh Malinga Controversy: यह कहानी चंबल के बीहड़ों और राजस्थान की राजनीति के उस दौर की है, जब जगन गुर्जर नाम का खौफनाक डकैत और तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा आमने-सामने आ गए थे। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को देख लेने की खुली धमकियां दी जा रही थीं और पुलिस तीन राज्यों के बीहड़ों को छान रही थी।
बता दें कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से आई जगन गुर्जर की हत्या की खबर के बाद यह पूरा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर उस समय हुआ क्या था और इस विवाद की असली जड़ क्या थी।
यह मामला करीब 2022 के शुरुआती महीनों का है। सोशल मीडिया पर चंबल के आखिरी खूंखार डकैतों में से एक, जगन गुर्जर का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में जगन गुर्जर धौलपुर के बाड़ी से तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को सीधे तौर पर गाली देते और धमकाते हुए नजर आ रहा था।
जगन गुर्जर ने वीडियो में मलिंगा को चुनौती देते हुए कहा था, अगर मर्द का बच्चा है, तो बस 2 घंटे के लिए अपनी पुलिस सिक्योरिटी हटाकर मेरे सामने आ। इस वीडियो के सामने आते ही राजस्थान की राजनीति और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
जमानत पर बाहर चल रहे जगन गुर्जर की तलाश में राजस्थान पुलिस की 8 से 10 टीमें चंबल के बीहड़ों, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में खाक छानने लगीं। पुलिस ने उस वक्त जगन पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया था।
जगन गुर्जर ने वीडियो में आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक मलिंगा और उसके बीच एक 'डील' हुई थी। जगन का दावा था कि मलिंगा ने उसे अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी और भाजपा के पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर को जान से मारने की सुपारी दी थी।
जगन के मुताबिक, उसने यह काम करने से मना कर दिया, जिसके बाद मलिंगा उसके खिलाफ हो गए। डकैत ने इस पूरे मामले को जातिगत रंग देते हुए यह भी आरोप लगाया कि विधायक गुर्जर समुदाय के खिलाफ काम कर रहे हैं।
इन आरोपों पर विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने तुरंत पलटवार किया था। उन्होंने डकैत के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताते हुए कहा था, मैंने कोई पुलिस सुरक्षा नहीं ली है, मैं अपने घर पर उसका इंतजार कर रहा हूं। अगर वह (जगन) मर्द का बच्चा है, तो मेरे घर आए और मेरा सामना करे। मलिंगा ने इस मामले को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी और डकैत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
इस पूरे विवाद में पूर्व बीजेपी विधायक जसवंत सिंह गुर्जर भी कूद पड़े थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि जगन गुर्जर वीडियो में जिस 'जसवंत' को मारने की बात कर रहा है, वह वही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि मलिंगा ने जगन को वादा किया था कि अगर वह जसवंत को मार देगा, तो उसे पुलिस सुरक्षा दी जाएगी और उसके सारे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे। जसवंत सिंह ने इसे 'दो बाहुबलियों की लड़ाई' करार दिया था।
धौलपुर के बसई डांग थाने के रिकॉर्ड के अनुसार, जगन गुर्जर पर हत्या, लूट और डकैती के 100 से अधिक मामले दर्ज थे। वह कोई मामूली अपराधी नहीं था। इससे पहले उसने धौलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद साल 2009 में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की एक रैली के दौरान जगन गुर्जर ने सरेंडर कर दिया था।
यह पूरा मामला काफी पुराना है और समय के साथ जगन गुर्जर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन इस कहानी का अंत बेहद खौफनाक रहा। अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। जेल के भीतर हुए इस हत्याकांड ने एक बार फिर चंबल के इस आखिरी कुख्यात डकैत के नाम को सुर्खियों में ला दिया है। जो डकैत कभी बीहड़ों से सरकार और विधायकों को ललकारता था, उसका अंत जेल की चारदीवारी के भीतर आपसी रंजिश या विवाद के कारण हो गया। जगन की मौत के साथ ही चंबल के डकैतों के इतिहास का एक और खूनी अध्याय हमेशा के लिए बंद हो गया है।