डूंगरपुर

Dungarpur Water Crisis : डूंगरपुर में सूखे जलस्रोत से बढ़ा संकट, गांवों की ओर बढ़ रहे प्यासे वन्य जीव, दहशत में ग्रामीण

Dungarpur Water Crisis : डूंगरपुर में जलस्रोत सूखने से वन्य जीवों पर संकट गहरा गया है। प्यासे वन्य जीव गांवों की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है। वहीं डूंगरपुर जिले में अप्रैल माह में गर्मी की सिर्फ शुरुआत है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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फोटो -AI

Dungarpur Water Crisis : डूंगरपुर के गढ़ी रेज के डडूका माकोडतोल वन क्षेत्र में जलस्रोत सूखने से वन्य जीवों पर संकट गहरा गया है। पानी की तलाश में वे अब गांवों की ओर रुख कर रहे है, जिससे मानव-वन्यजीव टकराव का खतरा बढ़ गया है। वन क्षेत्र के अधिकांश पेयजल स्रोत सूखने लगे है।

वडेवेरा तालाब पूरी तरह खाली हो चुका है और केवल एक छोटे हिस्से में पानी बचा है। पानी की कमी के कारण नीलगाय सहित अन्य वन्य जीव अब डडूका, मलाना, खेरन का पारड़ा, सेमलिया, नवापादर और बखतपुरा गांवों के तालाबों पर पहुंच रहे है। कई स्थानों पर दिन में भी उनकी आवाजाही देखी जा रही है। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।

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चेक डेम से समाधान की मांग

मनरेगा के तहत चेक डेम व बड़े तालाब बनाने की मांग भी ग्रामीणों ने उठाई है। उनका कहना है कि इससे स्थायी जल व्यवस्था होगी और जंगल में आग जैसी घटनाओं से निपटने में मदद मिलेगी। मौजूदा हालात संकेत दे रहे है कि समय रहते जलस्रोतों को पुनर्जीवित नहीं किया गया तो वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच भविष्य में टकराव बढ़ सकता है।

रात में जलस्रोतों पर आ रहे वन्यजीव

ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष पेंथर, नीलगाय व अन्य वन्यजीव रात में जलस्रोतों पर आते हैं। पिछले वर्ष हमलों और मवेशियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आई थीं। इस बार स्थिति दोहराने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने माही विभाग व प्रशासन से सूखे जलस्रोतों को माही नदी के पानी से भरने की मांग की है, ताकि वन्य जीवों को जंगल में ही पानी मिल सके।

डूंगरपुर जिले में तापमान अचानक उछला

डूंगरपुर जिले में अब सूरज की तपिश ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल का आधा महीना बीतते ही तापमान अचानक उछाल पर पहुंच गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अप्रैल माह में गर्मी की सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और तापमान बढने की संभावना बनी हुई है। अचानक बढ़ी गर्मी ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करने लगे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय आवाजाही कम देखने को मिल रही है। वहीं चौक-चौराहों पर नींबू पानी, नारियल पानी और ठंडे पेय पदार्थों के ठेलों पर लोगों की भौड़ नजर आ रही है। पिछले पांच दिनों से लगातार तापमान में बढ़ोतरी ने क्षेत्रवासियों को गर्मी का एहसास करा दिया है।

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Published on:
18 Apr 2026 01:19 pm
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