Dungarpur Court : डूंगरपुर के सागवाड़ा में हेमन्त जोशी हत्याकांड में अपर एवं सेशन न्यायाधीश पूना राम गोदारा बड़ा फैसला सुनाया। इस फैसले में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मृतक के पुत्र को जब सजा सुनाई तो वह सन्न रह गया।
Dungarpur Court : डूंगरपुर के सागवाड़ा में ढाई वर्ष पूर्व सरोदा थानान्तर्गत शिवराजपुर हाल पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा निवासी हेमन्त पुत्र सुखराम जोशी की मौत के मामले में अपर एवं सेशन न्यायाधीश पूना राम गोदारा ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास एवं मृतक के पुत्र को सात साल की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक निखिल सोमपुरा ने बताया कि सरोदा थानान्तर्गत शिवराजपुर हाल पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा निवासी हेमन्त पुत्र सुखराम जोशी की मौत मामले में न्यायाधीश ने आसपुर थानान्तर्गत गड़ा एकलिंगजी निवासी डायालाल उर्फ दीपक (32 वर्ष) पुत्र लालशंकर को भादस की धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपए जुर्माना, धारा 201 में सात वर्ष का कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपए जुर्माना, धारा 323 में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माना एवं धारा 325 में एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माना का आदेश दिया।
इसी मामले में मृतक के पुत्र अभियुक्त सरोदा थानान्तर्गत शिवराजपुर हाल पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा निवासी मुकेश पुत्र हेमन्त को भादस की धारा 302, 323 एवं 325-34 से संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त घोषित किया। वहीं धारा 201 में दोष सिद्ध किया है। धारा 201 में मृतक हेमन्त की पत्नी सुशीला जोशी को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त घोषित किया गया है।
गौरतलब है कि पुनर्वास कॉलोनी निवासी हेमंत जोशी के पुनर्वास कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान शरीर पर चोट के निशान देख रिश्तेदारों ने मौत पर आशंका जताई और शव का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया था।
घाट पर शक के आधार पर अंतिम संस्कार नहीं करने देने पर रिश्तेदारों में हाथापाई हुई थी। पुलिस मौके पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा ले गई थी।