Rajasthan News : राजस्थान के शिक्षा विभाग की नई योजना। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी पुलिस कैडेट्स बनेंगे। इसके लिए हर साल स्कूल को 50 हजार रुपए मिलेंगे।
Rajasthan News : अब राजस्थान के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रदेशभर के 548 विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। योजना के तहत चयनित सरकारी विद्यालयों को दो करोड़ 74 लाख रुपए का बजट आवंटित किया जाएगा। इसके लिए करीब 25 हजार विद्यार्थियों का चयन किया है। यह विद्यार्थी न केवल पुलिस संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। बल्कि, पुलिस और आम लोगों में समन्वय के लिए सेतु का काम भी करेंगे। इसके लिए हर स्कूल को हर साल 50 हजार रुपए का बजट दिया जाएगा। योजना के तहत डूंगरपुर जिले की नौ स्कूलों के लिए चार लाख 50 हजार रुपए की राशि खर्च होगी।
स्कूलों का चयन पुलिस थाना क्षेत्र में सर्वाधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों के आधार पर किया है। प्रदेश में सबसे अधिक विद्यालयों का चयन जयपुर में 44 तथा सवाईमाधोपुर में सबसे कम पांच विद्यालयों का हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को हर माह पीटी, परेड और इंडोर कक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह योजना पुलिस एवं शिक्षा विभाग के सांझे तत्वावधान में क्रियान्वित की जाएगी।
डूंगरपुर जिले में राउमावि बेड़ा, राउमावि आरा, राउमावि पाल मांडव, राउमावि महुड़ी, राउमावि चीतरी, राउमावि वरदा, राउमावि बाबा की बार, राउमावि गड़ा पट्टा पीठ एवं राउमावि गुंदलारा का चयन हुआ है।
1- अच्छे स्वास्थ्य, शारीरिक शक्ति एवं मानसिक दृढ़ता का विकास करना।
2- कानून व न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी देकर जिमेदार नागरिक बनाना।
3- सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन के कार्यों को सिखाना।
4- अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक दृष्टिकोण अंकुरित करना।
5- कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं बाल मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता लाना।
जिला - चयनित विद्यालय
उदयपुर - 32
प्रतापगढ़ - 16
बांसवाड़ा - 12
डूंगरपुर - 09
चितौड़गढ़ - 08
राजसमंद - 06
टीचिंग एड : 16000 रुपए
आउटडोर गतिविधि : 24000 रुपए
प्रशिक्षण : 5000 रुपए
कंटीजेंसी : 5000 रुपए
योग : 50000 रुपए
योजना की अवधि फिलहाल दो वर्ष की रहेगी। प्रथम वर्ष में आठवीं के विद्यार्थियों को शामिल किया है। आगामी वर्ष में इन्हीं कैडेट को दूसरे चरणों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम वर्ष में आठवीं के शारीरिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो कैडेट सफल होकर 9वीं कक्षा में जाएंगे। उन्हें अगले साल का प्रशिक्षण मिलेगा। इसमें प्रतिमाह एक इंडोर तथा दो आउटडोर कक्षाओं के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। आठवीं कक्षा के नियमित विद्यार्थी ही पात्र होंगे। एसपीसी का दो वर्ष का पाठ्यक्रम अनुशासन से पूरा करने पर कैडेट को प्रमाण पत्र मिलेगा।
यह बहु उद्देश्यीय योजना है। इसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे। विद्यालय में स्काउट-गाइड गतिविधियां चल रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए विभिन्न सेवा-प्रकल्पों से जोड़ा जाएगा।
आरएल डामोर, जिला शिक्षा अधिकारी, डूंगरपुर