Iran Israel War : डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिले के लगभग 30 हजार प्रवासी कुवैत में कार्यरत हैं। वहीं इजरायल में डूंगरपुर जिले के करीब 300 लोग सुरक्षित है। साइरन बजते ही लोग सहम जाते हैं। प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित हैं।
Iran Israel War : खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब वागड़ क्षेत्र तक महसूस होने लगा है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले के लगभग 25 से 30 हजार प्रवासी कुवैत में कार्यरत हैं। वहीं इजरायल में डूंगरपुर जिले के करीब 300 लोग सुरक्षित है।
सागवाड़ा निवासी पंकज भाटिया ने बताया कि इजरायल में शनिवार को पूर्ण अवकाश रहता है उसी दौरान सुबह करीब 8.30 बजे हमले का पहला सायरन बजा। जिसमें कई मिसाइलें ईरान की तरफ से दागी गई। सायरन बजते ही सभी शेल्टर में चले गए। शनिवार सुबह से प्रति घंटे सायरन बज रहे है। सभी डूंगरपुरवासी मिलजुल कर रह रहे हैं।
डूंगरपुर जिले के मुकरवाड़ा, नाथू पटेल थाना, ऊपरगांव, माड़ा, गामड़ी, नवलश्याम, घूघरा, देवल, गामड़ी, बोरी, सागवाड़ा व बांसवाड़ा जिले सहित वागड़ के करीब 300 युवा इजरायल में कार्यरत है। ये सभी सुरक्षित हैं।
उधर, सागवाड़ा निवासी मोहम्मद भाई गढ़ीवाला एवं पुनर्वास कॉलोनी निवासी भरत भाटिया ने बताया कि ईरान की ओर से कुवैत पर हमला किए जाने से सभी अप्रवासी भारतीय चिन्ता में है। सागवाड़ा सहित आसपास के गांवों में निवास करने वाले परिजन सम्पर्क बनाए हुए है। पल-पल की खबर ले रहे है। मोहम्मद भाई गढ़ीवाला एवं भरत भाटिया ने बताया कि कुवैत में सभी भारतीय सुरक्षित है।
एक अप्रवासी भारतीय ने बताया कि कुवैत के नए एवं पुराने एयरपोर्ट के अलावा आर्मी बेस एवं अमेरिकन बेस पर हमला हुआ था लेकिन अब स्थिति सामान्य बनी हुई है। ईरान की ओर से कुवैत पर किए गए हमले को देखते हुए सभी के पास पर्याप्त राशन सामग्री जमा है।
गौरतलब है कि डूंगरपुर व बांसवाड़ा जिले के बड़ी संख्या में अप्रवासी कुवैत जाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। ईरान की ओर से किए गए हमले से सभी वागड़वासी चिन्ता में डूबे हुए है।