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Dungarpur News : डूंगरपुर-बांसवाड़ा को जोड़ने वाले गलियाकोट माही नदी पर 44 करोड़ की लागत से निर्मित हाई लेवल ब्रिज वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो गया है। पुल के निर्माण से दूरी घटी है, लेकिन माही नदी से सटे दोनों जिलों के गांवों के ग्रामीणों को अब भी यात्री परिवहन सुविधा के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुल निर्माण के करीब आठ साल बाद भी डूंगरपुर आगार डिपो द्वारा इस मार्ग पर एक भी यात्री बस शुरू नहीं की गई है। इसके विपरीत, उदयपुर आगार ने पुल बनने के बाद उदयपुर से गलियाकोट वाया आनंदपुरी तक अपनी बस सेवा शुरू कर दी थी।
वहीं, बांसवाड़ा आगार ने दो दिन पहले माही पुल से दो यात्री बसों का संचालन प्रारंभ किया है। इनमें से एक बस रोजाना प्रातः 5 बजे बांसवाड़ा से परतापुर, सागवाड़ा होते हुए गलियाकोट 7 बजे पहुंचती है और माही पुल पार कर गुजरात के दाहोद तक जाती है। दूसरी सेवा गलियाकोट से प्रातः 5 बजे बांसवाड़ा के लिए शुरू की गई है, जो माही ब्रिज से वाया अरथूना, परतापुर होकर बांसवाड़ा पहुंचती है। इस व्यवस्था से क्षेत्र के ग्रामीणों को बहुत राहत है।
गलियाकोट धार्मिक एवं व्यापारिक दृष्टि से एक समृद्ध क्षेत्र है। जहां देश-विदेश से हजारों तीर्थयात्री प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं। बांसवाड़ा और डूंगरपुर दोनों आगारों द्वारा पर्याप्त और नियमित बस सेवाएं शुरू होने से इन दोनों जिलों के बीच आध्यात्मिक एवं पुरातात्विक महत्व की कड़ियां और मजबूत होंगी।
करावाड़ा में डूंगरपुर डिपो की ओर से डूंगरपुर-पीठ मार्ग पर संचालित यात्री बस का शनिवार को संचालन नहीं हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। डूंगरपुर से पीठ के लिए दोपहर पौने 2 बजे प्रस्थान करने वाली यह बस नहीं चली।
यात्रियों ने बताया कि बस के संचालन न होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी वाहनों में अपना सफर तय करना पड़ा। सामान्यतः यह बस जिला मुख्यालय से पौने दो बजे प्रस्थान कर तीन बजे पीठ पहुंचती है और पीठ से तीन बजे रवाना होकर साढ़े चार बजे डूंगरपुर लौटती है। यात्रियों ने आगार प्रबंधक से यात्री बसों के नियमित और निर्धारित मार्ग पर संचालित करने की मांग की है।
Updated on:
14 Apr 2026 12:29 pm
Published on:
14 Apr 2026 12:28 pm
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