डूंगरपुर

‘धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, अब मदन दिलावर भी तो दें अपना रिजाइन’, बोले सांसद राजकुमार रोत

सांसद राजकुमार रोत ने केंद्र व राज्य सरकार पर शिक्षा, यूसीसी, आदिवासी अधिकार और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी अपने बयान के अनुसार इस्तीफा देना चाहिए।
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Updated: 27 Jul 2026, 4:02 PM IST
MP Rajkumar Roat After Dharmendra Pradhan Exit Now Madan Dilawar Should Also Resign
पत्रकारों से बातचीत करते सांसद व अन्य बीएपी पदाधिकारी (पत्रिका फोटो)

डूंगरपुर: बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने शिक्षा, यूसीसी, आदिवासी अधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक स्थानांतरण सहित कई मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यूसीसी पर बीजेपी की ओर से धर्म के आधार पर बंटवारा करने का आरोप लगाया। रोत ने कहा कि देशभर के युवाओं के आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा, लेकिन शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षाओं की कमी है। बालिकाओं के लिए शौचालय और विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। इन्हें प्राथमिकता से दूर करना चाहिए। रोत बोले, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे तो वो भी इस्तीफा दे देंगे। अब दिलावर को इस्तीफा दे देना चाहिए। सांसद ने जिनेवा सम्मेलन, आदिवासी जनजागरण अभियान, मध्यप्रदेश की केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों, बांसवाड़ा में गर्भवती महिलाओं की लगातार मौतों, जैसे मुद्दे भी उठाए।

उदयपुर सांसद यूसीसी में भी धर्म के आधार पर बंटवारा करना चाहते

यूसीसी को लेकर सांसद रोत ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी आदिवासी समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि केवल वे आदिवासी, जिन्होंने स्वयं को हिंदू के रूप में दर्ज कराया है, उन्हें यूसीसी से बाहर रखा जाए, जबकि अन्य धर्मों को मानने वाले आदिवासियों को इसके दायरे में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि अन्य भाजपा शासित राज्यों में ऐसा प्रावधान नहीं है, लेकिन राजस्थान में धर्म के आधार पर विभाजन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने डिलिस्टिंग के मुद्दे पर भी भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज को बांटने का आरोप लगाया।

लाठी खाने की झूठी बातें करते हैं कांग्रेस नेता

सांसद रोत ने बांसवाड़ा में निकाली रैली के दौरान कलक्ट्रेट में प्रवेश को लेकर युवाओं पर लाठीचार्ज की सांसद ने निंदा की। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पर कटाक्ष कर कहा कि जो नेता पहले लाठी खाने की बात कर रहे थे, वह मौके पर पीछे हट गए।

कथनी और करनी में अंतर रखने वाले नेताओं को जनता आगामी चुनाव में करारा जवाब देगी। इस दौरान आसपुर विधायक उमेश मीणा, जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत, संस्थापक सदस्य कांतिभाई रोत, पोपट खोखरिया सहित पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

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27 Jul 2026, 4:02 PM IST
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