डूंगरपुर

Dungarpur : ‘जीरामजी’ में बड़ी तकनीकी खामी, नाराज मेट-मजदूरों का जबरदस्त प्रदर्शन, भजनलाल सरकार को किया सचेत

Dungarpur : महत्वाकांक्षी योजना 'जीरामजी' में तकनीकी खामी उत्पन्न होने से पिछले चार दिनों से ऑनलाइन हाजिरी अपडेट नहीं होने से डूंगरपुर के साबला में मेट व मजदूरों ने प्रदर्शन किया। साथ ही, प्रदेश सरकार को सचेत करते हुए कहा यदि समय रहते मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले पंचायती राज चुनाव का परिणाम सामने होगा।

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डूंगरपुर के साबला में मेट व मजदूरों का प्रदर्शन। फोटो पत्रिका

Dungarpur : केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'जीरामजी' में तकनीकी खामी उत्पन्न होने से पिछले चार दिनों से ऑनलाइन हाजिरी अपडेट नहीं होने से साबला में मेट व मजदूरों ने प्रदर्शन किया। ब्लॉक की 31 पंचायतों के मेट व मजदूर सड़कों पर उतर आए। इसके बाद रैली के रूप में उपखंड अधिकारी अभिलाषा को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

इससे पूर्व 31 पंचायतों के मेट व मजदूर मंगलेश्वर महादेव परिसर में पहुंचे थे। वहां मेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मजदूरों की मजदूरी का लंबे समय से भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने 12 सूत्रीय मांगों के साथ अन्य समस्याओं पर बात रखी। साथ ही, प्रदेश सरकार को सचेत करते हुए कहा कि यदि समय रहते मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले पंचायती राज चुनाव का परिणाम सामने होगा।

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दो जून की रोटी की योजना मनरेगा बंद कर दी - कांग्रेस

मेट-मजदूरों की मांगों का कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया व पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आमजन को दो जून की रोटी की योजना मनरेगा बंद कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि मेट व मजदूर समय पर भुगतान के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने रैली का नेतृत्व करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

कई मेट व मजदूर रहे मौजूद

इस मौके पर मेट ब्लॉक अध्यक्ष लाखन सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता जयकृष्ण मीणा, कमल व्यास, गोपाल, पवन चौबीसा, मुस्तफा हुसैन, जिगर चौबीसा सहित कई मेट व मजदूर मौजूद रहे।

साबला। ज्ञापन सौपते हुए मेट व मजदूर। फोटो पत्रिका

विकसित भारत-जी राम जी में मिलेगा 125 दिन का रोजगार

विकसित भारत-जी राम जी योजना में 100 दिन की बजाय 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी-रोजगार की गारंटी दी गई है। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में एकीकृत किया गया है। इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संबंधी कार्य और मौसमीय घटनाओं से निपटने के उपाय पर विशेष ध्यान दिया गया है।

पंचायतों को विकास मानकों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। आवश्यकतानुसार कार्यों का चयन कर पीएम गति-शक्ति योजना के साथ इंटीग्रेटेड ग्राम पंचायत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारें बुवाई और कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष 80 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी करेंगी, जिसके दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे।

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Updated on:
10 Apr 2026 09:55 am
Published on:
10 Apr 2026 09:54 am
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