डूंगरपुर

SIR Update : डूंगरपुर में शिक्षक संगठन नाराज, आंदोलन की दी चेतावनी

SIR Update : राजस्थान में एसआइआर का प्रभाव। डूंगरपुर में एसआईआर सर्वे को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी।

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डूंगरपुर. कलक्टर से एसआईआर सर्वे को लेकर चर्चा करते शिक्षक। फोटो पत्रिका

SIR Update : डूंगरपुर में शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने एसआईआर सर्वे के नाम पर शिक्षकों एवं कार्मिकों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव को तत्काल प्रभाव से समाप्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिन चौबीसा एवं जिला अध्यक्ष शंकरलाल कटारा के नेतृत्व में सौंपा गया।

जिला मंत्री सुदर्शन सिंह चौहान एवं जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि ज्ञापन में मतदाता सूची शुद्धिकरण को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा गया कि इस कार्य को शिक्षकों एवं कार्मिकों के उत्पीड़न का कारण बनाना अनुचित है। 18 नवंबर को उपखण्ड अधिकारियों द्वारा पीईईओ को ग्राम पंचायत प्रभारी नियुक्त करते हुए प्रत्येक बूथ पर कैंप आयोजित करने तथा बीएलओ से प्रतिदिन परिगणना प्रपत्र ऑनलाइन भरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है।

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प्रशासन बना रहा है दबाव

संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा एसआईआर कार्य एक माह में पूर्ण करवाने का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। कई जगहों पर कारण बताओ नोटिस, निलंबन सहित दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनियों से कार्मिक मानसिक तनाव झेल रहे हैं। दबाव के चलते राज्यभर में शिक्षकों/कार्मिकों के बेहोश होने, गंभीर मानसिक तनाव में आने तथा आत्महत्या के प्रयास जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई जाए

संगठन ने मांग की है कि अभी सर्वर भी बहुत धीमा हो गया है। जिससे वांछित लक्ष्य पूर्ण करने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। बीएलओ एवं सहयोगी कार्मिक दिनभर प्रपत्र वितरण करने के बाद रात्रि में भी कार्य करने को विवश हैं। यदि एसआईआर कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण नहीं हो पाता है तो इसकी समय सीमा बढ़ाई जाए।

अन्य विभागों के कार्मिकों को भी जोड़ा जाए

साथ ही शिक्षा विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्मिकों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा जाए, ताकि परीक्षा कार्य, मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम तथा अन्य प्रशासनिक दायित्वों का संतुलन बना रहे। ज्ञापन में संगठन ने अवगत कराया कि यदि किसी बीएलओ पर अनावश्यक दबाव या प्रताड़ना होती है तथा किसी प्रकार की अनहोनी घटित होती है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर उपस्थित रहे कई पदाधिकारी

इस अवसर पर बलवंत बामणिया, पोपटलाल कटारा, दक्ष कलाल, राजेन्द्र मीणा, रामलाल कटारा, मनोहर सिंह , संध्या गर्ग, दिनेश जैन, रेखा शर्मा, नागेंद्र मीणा, रोहित गर्ग, चंदन सिंह राजावत, जीवतराम पारगी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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Updated on:
21 Nov 2025 09:14 am
Published on:
21 Nov 2025 09:00 am
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