
डूंगरपुर.
कोरोना कोविड- 19 ( Covid-19 ) वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर देश-दुनिया लॉकडाउन को फॉलो कर रही है। इसी क्रम में खाड़ी देश कुवैत में भी पिछले लंबे समय से लॉकडाउन लागू है। कुवैत में निवासरत भारतीयों के आवास स्थल में संक्रमितों की पुष्टि होने के बाद वहां की सरकार ने आवास स्थल खाली कराकर अन्यत्र क्वारंटाइन कर दिया है। ऐसे में सैकड़ों भारतीयों को कुवैत सिटी से दूर कुवैत-इराक की सीमा के नजदीक टीनशेड बनाकर आश्रय दे रखा है। इसमें डूंगरपुर-बांसवाड़ा के भी कई लोग शामिल हैं। कुवैत में कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या तकरीबन 1915 बताई जा रही है।
700 से ज्यादा टीनशेड
कुवैत सरकार ने इराक सीमा पर 700 से अधिक टीन शेड का निर्माण कराया है। इनमें वहां कार्यरत भारतीय लोगों को रखा जा रहा है।
समय-समय पर हो रही चिकित्सा जांच
टीन शेड के प्रत्येक कक्ष में चार लोगों को रखा गया है। इन्हें सुबह नाश्ता तथा दिन में दो बार भोजन दिया जा रहा है। साथ ही दिन में एक बार चिकित्सकों की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।
टीन शेड पर बनाए लाल व हरे निशान
कुवैत पुलिस की ओर से मांसाहारी व शाकाहारी लोगों की पहचान के लिए टीन शेड पर लाल और हरे निशान लगाए हैं। जिन लोगों को मांसाहारी भोजन दिया जाना है उन्हें लाल निशान वाले शेड में और शाकाहारियों को हरे निशान वाले शेड में रखा है।
कई भवन सीज
कुवैत सरकार की ओर से संक्रमण की रोकथाम को लेकर दिन-प्रतिदिन सख्ती बढ़ाई जा रही है। आए दिन भवन सीज किए जा रहे हैं और वहां निवासरत भारतीयों को बॉर्डर पर बने टीनशेड में लाया जा रहा है। उनका सारा सामान उन्हीं भवनों में लॉक है।
देश आने को बेताब
अब भी कई वागड़वासी कोरोना वायरस के दौरान किए गए लॅाक डाउन के चलते अपने कमरों के अन्दर ही है। संक्रमितों की बढती संख्या को देखते हुए भारत आने के लिए हवाई मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
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