Bamleshwari Darshan Route: माँ बम्लेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए चढ़ाई और उतराई के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सके।
Bamleshwari Darshan Route: चैत्र नवरात्रि के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए माँ बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और सुव्यवस्थित करने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब मंदिर में चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित कर दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब क्षीरपानी की ओर से सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर मंदिर तक पहुंचेंगे। वहीं, दर्शन के बाद नीचे उतरने के लिए पीछे की ओर स्थित मोटल साइड की सीढ़ियों का उपयोग करेंगे। इस तरह मंदिर तक जाने और वापस लौटने के रास्ते पूरी तरह अलग कर दिए गए हैं, जिससे आवागमन में सुगमता आएगी।
अब तक श्रद्धालुओं को एक ही मार्ग से ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता था, जिससे खासकर नवरात्रि जैसे बड़े पर्वों पर भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। कई बार जाम जैसी स्थिति बनती थी और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था से भीड़ का दबाव विभाजित होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में भी प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर प्रदेश के प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है, जहां नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए लंबी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन हमेशा चुनौती बना रहता है।
पिछले वर्षों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के कारण प्रशासन को बार-बार व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा है। अलग-अलग रूट तय करने का यह फैसला भी उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आधुनिक भीड़ प्रबंधन प्रणाली के अनुरूप है। इससे न केवल दर्शन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी भारी भीड़ की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी स्टॉपेज दिया है, वहीं 19 से 27 मार्च तक 4 लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है। इसके अलावा डोंगरगढ़ और दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। पैदल यात्रियों के लिए बस सेवा, निशुल्क भंडारा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी को असुविधा न हो।