दुर्ग

बच्चा रोता रहा, छोड़ने की मिन्नतें करता रहा..! दुर्ग में नाबालिगों ने 7 साल के बच्चे को निर्वस्त्र कर कराया डांस, बेरहमी से पीटा

7 Year Old Child Assault: दुर्ग जिले में नाबालिगों द्वारा एक 7 साल के बच्चे के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ नाबालिगों ने पहले बच्चे के कपड़े उतरवाए, फिर उससे डांस करवाया और आपत्तिजनक हरकतें कराईं।

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Jun 13, 2026
Durg Child Abuse Case
Durg Child Abuse Case: दुर्ग में नाबालिगों ने 7 साल के बच्चे को निर्वस्त्र कर कराया डांस(photo-patrika)

Durg Child Abuse Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिगों द्वारा एक 7 साल के बच्चे के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ नाबालिगों ने पहले बच्चे के कपड़े उतरवाए, फिर उससे डांस करवाया और आपत्तिजनक हरकतें कराईं। इसके बाद लात-घूंसों और डंडों से उसकी पिटाई की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो करीब 7 दिन पुराना है।

वीडियो में कुछ नाबालिग बच्चे पीड़ित को घेरकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। एक नाबालिग बच्चे का गला दबाने की कोशिश करता दिख रहा है, जबकि अन्य लात-घूंसे और डंडे से हमला करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने बताया कि वीडियो बनाने और वायरल करने वाले भी यही नाबालिग हैं।

Child Abuse Case: खेल-खेल में शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार सभी बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को जानते हैं। बताया जा रहा है कि सुनसान जगह पर खेल के दौरान विवाद शुरू हुआ। इसके बाद मामला बढ़ गया और नाबालिगों ने बच्चे के साथ मारपीट की। घटना के दौरान बच्चा रोता रहा और छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी उसे पीटते रहे।

पुलिस ने 6 नाबालिगों को पकड़ा

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिगों को हिरासत में लिया है। सभी को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। यह पूरा मामला दुर्ग के नेवई थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

बाल आयोग करेगा काउंसिलिंग

पुलिस ने मामले की जानकारी बाल आयोग को भी दी है। अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

बच्चे को आई सामान्य चोटें

पुलिस के मुताबिक पीड़ित बच्चे को सामान्य चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि किशोर न्याय कानून के तहत ऐसे मामलों में प्रक्रिया अलग होती है। मामले में बाल आयोग और संबंधित अधिकारी नाबालिगों की काउंसिलिंग करेंगे।

Published on:
13 Jun 2026 04:10 pm