
नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक आज यानी 20 सितंबर को होने जा रही है। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्राइवेट हेल्थकेयर सेक्टर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा देने के बारे में ऐलान कर सकती हैं। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल इस बार की बैठक में 5 फीसदी के स्लैब में फेरबदल कर सकती है। यह मीटिंग गोवा में होगी और बैठक में निर्मला सीतारमण और अनुराग ठाकुर दोनों शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में ऑटो सेक्टर के अलावा रोजमर्रा के सामानों की जीएसटी दर में भी राहत मिल सकती है।
ऑटो सेक्टर में बड़ी उम्मीदें
आज की जीएसटी की मीटिंग में वाहनों की बिक्री और रोजमर्रा से जुड़े कंपनियों को काफी उम्मीद हैं। अगर जीएसटी की मीटिंग में राहत मिलती है तो त्योहारों के दौरान बिक्री में इजाफा देखने को मिल सकता है। वहीं सरकार उन उपायों पर गौर सकती है जिनसे अगली तिमाहियों में विकास दर बढ़ाई जा सके। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की इस बैठक में ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी जीएसटी में राहत मिल सकती है। इसके अलावा सरकार इस बार हेल्थकेयर सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान कर सकती है।
मंदी के दौर से गुजर रहा है ऑटो सेक्टर
आपको बता दें कि जुलाई माह में ऑटोमोबाइल सेक्टर में पिछले 19 सालों में सबसे अधिक मंदी देखने को मिली है, जिसके बाद इस सेक्टर में कई लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोने पड़े। दुपहिया वाहन हों या पैसेंजर कार इनका उत्पादन और बिक्री दोनों के ग्राफ में भारी गिरावट देखने को मिली है। कुछ ऑटोमोबाइल पर मौजूदा 28 फीसदी जीएसटी दर को कम करने की सेक्टर की मांग है।
पिछली बैठक में ये मिली थी राहत
जीएसटी काउंसिल की 36वीं बैठक में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन पर बड़ा फैसला लिया था। वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा था कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर से जीएसटी दर 5 फीसदी लगेगी। वहीं इलेक्ट्रिक चार्जर पर भी जीएसटी दरों में कमी की गई थी। इसके साथ ही सरकार ने सभी नई दरें अगस्त से लागू कर दी थी। बता दें कि बजट 2019 में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट करने की बात भी कही थी।