अर्थव्‍यवस्‍था

PM Cares Fund पर Nagpur High Court में याचिका मंजूर, केंद्र से 2 हफ्तों में मांगा जवाब

High Court के वकील याचिका दयार कर Pm Cares Fund को लेकर पूछे अहम सवाल सवाल, Pm Cares Fund Trust में प्रतिष्ठित लोगों की नियुक्ति क्यों नहीं, कैसे होगा खर्च

2 min read
Petition on PM Cares Fund
Petition on PM Cares Fund approved in Nagpur High Court

नई दिल्ली। पीएम केयर्स फंड ( PM Cares Fund ) के मुद्दे पर घिरी केंद्र सरकार ( Central Govt ) को बड़ा झटका लगा है। नागपुर हाईकोर्ट ( Nagpur High Court ) ने केंद्र सरकार दो हफ्तों में यह बताने को कहा है कि सरकार इस फंड का रुपया कैसे इस्तेमाल करेगी। साथ इस पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ( PM Cares Fund Trust ) के लिए बनाए गए सदस्यों में समाज के प्रतिष्ठित तीन लोगों को अभी तक शामल क्यों नहीं किया गया? यह याचिका वकील अरविंद वाघमारे ने डाली थी। जिसके बाद नागपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश अनिल किलोर ने केंद्र सरकार, वित्त मंत्री ( Finance Minister ), रक्षा मंत्री ( Defence Minister ), विभागीय आयुक्त ( Departmental Commissioner ), जिलाधिकारी ( Collector ) और मनपा आयुक्त को नोटिस भेजा है।

पीएम केयर्स फंड से कोई परेशानी
महाराष्ट्र में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले पीएम केयर्स फंड की स्थापना पर सवाल उठाती दो याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया था। वहीं जो मौजूदा याचिका हाईकोर्ट के अंदर अरविंद वाघमारे ने डाली है उसमें कहा गया है कि उन्हें फंड की स्थापना से किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने खुद इस फंड में सहयोग किया है।

इन मुद्दों से हैं परेशान
उनकी परेशानी इस बात से है कि पीएम केयर फंड ट्रस्ट के सदस्यों में सरकार के नुमाइंदों के अलावा सोसायटी के व्यक्तियों के पदों को अभी तक खाली क्यों रखा गया है। मौजूदा समय में ट्रस्ट में रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है। उन्होंने इस बात की भी जानकारी मांगी है कि इस निधि से होने वाला खर्च जनता के सामने लाने के लिए इसका कैग के जरिए ऑडिट होना चाहिए।

दोनों मुद्दों पर सरकार को देना होगा जवाब
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल अनिल सिंह ने याचिका विरोध करते हुए कि इन मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में पहले ही याचिका खारिज हो चुकी हैं। अब हाईकोर्ट में इन बातों का कोई प्रश्र नहीं है। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल सभी दलीलों को नकारते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुद्दों नजरअंदाज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रस्ट में 3 लोगों की नियुक्ती क्यों नहीं नहीं हुई और फंड का रुपया कैसे ख्खर्च होगा, जनता को इन बातों को बारे में जानने का पूरा हक है। सरकार को दोनों मुद्दों पर 2 हफ्तों के अंदर कोर्ट में जवाब देने को कहा है।

Updated on:
03 Jun 2020 02:49 pm
Published on:
03 Jun 2020 02:46 pm