
Journalism Career Options 2026: जब से एआई का चलन बढ़ा है यह चर्चा होती है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के चलते मीडिया और जर्नलिज्म में नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन, हकीकत कुछ ओर ही है। एआई पत्रकारिता को खत्म नहीं कर रहा, रिसर्च के मुताबिक, वर्ष 2032 तक डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया प्रोडक्शन से जुड़ी नौकरियों में 13 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी होने वाली है। मीडिया संस्थानों में अब ऐसे पत्रकारों की डिमांड बढ़ रही है जो अच्छी स्टोरीटेलिंग के साथ साथ तकनीक, डेटा एनालिसिस और एआई टूल्स को भी समझते हों।
रिसर्च डॉट कॉम के को फाउंडर और चीफ डेटा साइंटिस्ट इमेड बाउचरिका के मुताबिक, 2032 तक डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया प्रोडक्शन से जुड़ी नौकरियों में 13 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यह ग्रोथ बाकी कई आम नौकरियों की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों पर नजर डालें तो डिजिटल कंटेंट बनाने वालों की नौकरियों में 15 प्रतिशत तक के उछाल का अनुमान है। इसका मुख्य कारण मीडिया प्लेटफॉर्म, स्ट्रीमिंग सेवाओं और इंटरैक्टिव कंटेंट की तेजी से बढ़ती मांग है।
इंडस्ट्री के ट्रेंड्स बताते हैं कि इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म और ब्रांडेड कंटेंट जैसे खास सेक्टर्स में पत्रकारों की सैलरी में सालाना 8 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ देखी जा रही है। इसका सीधा सा मतलब है कि जो पत्रकार समय के साथ अपने स्किल्स को अपडेट करते रहेंगे, उन्हें बेहतर करियर और शानदार पैकेज दोनों मिलेंगे। न्यूजरूम अब ऑटोमेशन, ऑडियंस डेटा और रियल टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए एआई लिटरेट पत्रकारों की मांग में भारी उछाल आया है।