शिक्षा

CBSE 12th स्टूडेंट्स को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की NSUI की मांग, रिवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने से इनकार

Delhi High Court on CBSE: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए पुनर्मूल्यांकन पोर्टल दोबारा खोलने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। अदालत में तर्क दिया गया कि इससे 70 लाख छात्रों के अंडर ग्रेजुएट एडमिशन में देरी होगी। मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी।

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Jun 12, 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की NSUI की मांग (फोटो- ऑफिशियल वेबसाइट)

CBSE Revaluation Portal: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) मामले में स्टूडेंट्स को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने CBSE के पुनर्मूल्यांकन (रिवैल्यूएशन) पोर्टल को फिर से खोलने का कोई भी निर्देश देने से साफ इनकार कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में नियमित रोस्टर बेंच के सामने होगी।

70 लाख छात्रों के एडमिशन पर पड़ेगा असर

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीबीएसई का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि 1.27 लाख असंतुष्ट स्टूडेंट्स पहले ही CBSE पोर्टल के जरिए संपर्क कर चुके हैं। एसजी मेहता ने दलील दी कि यदि अदालत रिवैल्यूएशन पोर्टल को दोबारा खोलने का आदेश देती है तो इसका सीधा असर परीक्षा में शामिल हुए 70 लाख से अधिक स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इससे अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में उनके दाखिले की प्रक्रिया और अवसरों में भारी देरी हो जाएगी।

NSUI ने दाखिल की थी जनहित याचिका

आपको बता दें कि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। छात्र संगठन एनएसयूआई ने एक जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका में स्टूडेंट्स को मुआवजा अंक (कंपेंसेटरी मार्क्स) देने और रिवैल्यूएशन पोर्टल को एक महीने के लिए फिर से खोलने का निर्देश देने की मांग की गई थी। लेकिन कोर्ट के मौजूदा फैसले से एनएसयूआई और स्टूडेंट्स को बड़ा झटका लगा है।