JEE Main Result 2026: जेईई मेन में आपकी रैंक अंकों से नहीं बल्कि परसेंटाइल से तय होती है। जानिए क्या है एनटीए का नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला और कैसे रॉ मार्क्स को बदला जाता है एनटीए स्कोर में।
JEE Main Session 2 Result 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 के दूसरे सेशन के परिणाम आज यानी 20 अप्रैल, 2026 को ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in घोषित किए जाने की उम्मीद है। रिजल्ट आने के बाद कैंडिडेट्स परसेंटाइल स्कोर और रैंक कैलकुलेशन को लेकर उलझन में रहते हैं कि, उनके रॉ मार्क्स और स्कोरकार्ड पर दिख रहे परसेंटाइल के बीच क्या संबंध है। दरअसल, एनटीए देश की इस सबसे बड़ी इंजीनियरिंग एग्जाम के लिए एक विशेष 'नॉर्मलाइजेशन' प्रोसेस अपनाता है, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी भी स्टूडेंट को कठिन या आसान शिफ्ट मिलने से कोई नुकसान न हो।
जेईई मेन परीक्षा में सही और गलत उत्तरों के आधार पर हासिल किए गए कुल अंकों को 'रॉ मार्क्स' कहा जाता है। क्योंकि यह परीक्षा कई दिनों और अलग-अलग शिफ्टों में होती है, इसलिए हर शिफ्ट के पेपर का कठिनाई स्तर एक जैसा नहीं होता। इसी डिफरेंस को दूर करने के लिए एनटीए इन रॉ मार्क्स को परसेंटाइल स्कोर में बदल देता है। यह परसेंटाइल स्कोर यह नहीं बताता कि आपने कितने अंक पाए हैं, बल्कि यह दर्शाता है कि उस विशेष शिफ्ट में बैठने वाले कितने परसेंट स्टूडेंट आपसे नीचे या आपके बराबर रहे हैं।
अगर दो या दो से ज्यादा उम्मीदवारों के कुल एनटीए स्कोर बराबर होते हैं, तो रैंक तय करने के लिए टाई ब्रेकिंग फॉर्मूला अपनाया जाएगा:
कैंडिडेट्स इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं-
जेईई मेन 2026 के स्कोरकार्ड में उम्मीदवारों के फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ विषय के नॉर्मलाइज्ड परसेंटाइल स्कोर की जानकारी होगी। साथ ही तीनों सब्जेक्ट्स का कुल एग्रीगेट परसेंटाइल स्कोर भी दिया जाएगा। काउंसलिंग और कॉलेज एडमिशन के समय इस स्कोरकार्ड की मूल प्रति आवश्यक होगी, इसलिए कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे इसकी पीडीएफ सुरक्षित रखें और प्रिंट आउट जरूर लें।