
Sainik School Admission Process: अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा पढ़ाई के साथ अनुशासन, खेलकूद और लीडरशिप की भावना भी सीखे तो सैनिक स्कूल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सैनिक स्कूल न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा देते हैं बल्कि उन्हें देश की सेवा और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए भी तैयार करते हैं। आइए जानते हैं सैनिक स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया, फीस स्ट्रक्चर और भविष्य के करियर ऑप्शन क्या हो सकते हैं?
सैनिक स्कूल भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले रेजिडेंशियल स्कूल (आवासीय विद्यालय) हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), इंडियन नेवल एकेडमी (INA) और अन्य सैन्य संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयार करना है। यहां शिक्षा के साथ-साथ स्पोर्ट्स, एनसीसी (NCC), शारीरिक प्रशिक्षण और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।
सैनिक स्कूल में प्रवेश मुख्य रूप से कक्षा 6 और 9 में होता है।
कक्षा 6 के लिए
कक्षा 9 के लिए
सैनिक स्कूल में एडमिशन तीन चरणों में होता है।
कक्षा 6 के लिए
कक्षा 9 के लिए
परीक्षा MCQ फॉर्मेट में होती है और प्रश्न NCERT सिलेबस पर आधारित होते हैं।
सैनिक स्कूलों की सालाना फीस आम तौर पर 1 लाख रुपये से 1.50 लाख रुपये के बीच होती है। इसमें ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस और मेस चार्जेज शामिल होते हैं। इसके अलावा यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी और एक्स्ट्रा एक्टिविटीज के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होता है। कई राज्यों में डोमिसाइल छात्रों के लिए स्कॉलरशिप या सब्सिडी की सुविधा भी दी जाती है।
सैनिक स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के पास कई करियर रास्ते खुलते हैं।
सैनिक स्कूल के छात्र अपनी डिसिप्लिन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता की वजह से हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।