Bhagwant Mann Slams Raghav Chadha: आप के सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने उनपर हमला बोला है।
Bhagwant Mann Slams Raghav Chadha: पंजाब की राजनीति में इन दिनों आम आदमी पार्टी के भीतर उठे एक नए विवाद ने हलचल तेज कर दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री और कॉमेडियन भगवंत मान ने पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें 'कम्प्रोमाइज्ड' तक कह दिया। ये बयान ऐसे समय सामने आया है जब संसद में बोलने के समय और पार्टी अनुशासन को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
दरअसल, हाल ही में राघव चड्ढा ने यह सवाल उठाया था कि राज्यसभा सचिवालय को उनके बोलने के समय को लेकर पार्टी की ओर से क्या संदेश भेजा गया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट संकेत दिए कि पार्टी लाइन से अलग जाकर काम करने पर कार्रवाई हो सकती है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब पार्टी किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपना रुख तय कर लेती है, तो सभी सांसदों की जिम्मेदारी होती है कि वो उसी दिशा में अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जिससे पार्टी अनुशासन पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई नेता पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो संगठनात्मक कार्रवाई स्वाभाविक है।
इस दौरान भगवंत मान ने पश्चिम बंगाल में वोटों की कथित गड़बड़ी और गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में पार्टी की ओर से सख्त रुख अपनाया गया था, लेकिन अपेक्षित तरीके से आवाज नहीं उठाई गई। इससे पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हुआ।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने संसद में राघव चड्ढा की कथित ‘समोसे और पिज्जा’ से जुड़ी टिप्पणी का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, तब इस तरह की बातें करना उचित नहीं माना जा सकता। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
भगवंत मान ने ये भी साफ किया कि संसद में पार्टी नेतृत्व में बदलाव कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले भी समय-समय पर पार्टी ने अपने संसदीय नेतृत्व में परिवर्तन किए हैं। ऐसे में इसे असामान्य नहीं माना जाना चाहिए।