
Chatori Rajani Assault Case: देश की राजधानी दिल्ली को दिल वालों का शहर कहा जाता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर ऐसे विवाद सामने आते हैं, जो लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां इन्फ्लुएंसर चटोरी रजनी के साथ एक छोटे से पार्किंग विवाद को लेकर कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आ रहा है। पीड़ित दंपति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
दरअसल चटोरी रजनी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी निर्धारित पार्किंग जगह पर लंबे समय से अतिक्रमण किया जा रहा था। इस संबंध में उन्होंने कई बार आरडब्ल्यूए और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। कानूनी प्रक्रिया के तहत भी उन्होंने दस्तावेज और आवेदन दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि वो हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। रजनी काफी रोते हुए नजर आ रही हैं। उनका कहना है कि उनके जोर से बाल खींचे गए, उन्हें एक महिला द्वारा बहुत मारा गया है।
परिवार के अनुसार, उन्होंने अपनी गाड़ी लॉक और हैंडब्रेक लगाकर निर्धारित पार्किंग में खड़ी की थी, लेकिन रात के दौरान किसी ने कार का लॉक खोलकर दूसरी जगह खिसका दिया और वहां दूसरी गाड़ी खड़ी कर दी। जब पति-पत्नी नीचे जाकर स्थिति देखने पहुंचे तो कथित तौर पर विवाद बढ़ गया।
दंपति का आरोप है कि इस दौरान एक तीसरी महिला वहां पहुंची और उनके पति के साथ आक्रामक व्यवहार करने लगी। परिवार का कहना है कि उन्होंने विवाद से बचने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई। रजनी का आरोप है कि जब वो बीच-बचाव करने पहुंची तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, बाल खींचे गए और मारपीट की गई। उनका कहना है कि उन्होंने केवल आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी।
घटना के बाद पुलिस को बुलाया गया और मेडिकल जांच भी कराई गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके। परिवार का आरोप है कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है और उन्होंने संबंधित लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।
पीड़ित दंपति का कहना है कि पूरी सोसाइटी को पता है कि पार्किंग किसकी है, लेकिन खुलकर कोई समर्थन करने आगे नहीं आता। उनका आरोप है कि शिकायतें केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पत्राचार होता है। परिवार का कहना है कि वे किसी से झगड़ा नहीं चाहते, बल्कि केवल अपने अधिकार और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीसीटीवी फुटेज और जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।