
प्रकाश राज ने किया झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर पोस्ट (Photo Source- @prakashraaj)
Prakash Raj reaction Jharkhand student protest: झारखंड की राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने जा रहे JPSC और JSSC के आंदोलनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का प्रयोग कर डाला। इस हिंसक कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही सामने आया हर किसी को दिल्ली जंतर-मंतर प्रदर्शन की याद आ गई और इसी बीच मशहूर अभिनेता प्रकाश राज (Prakash Raj) का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठा दिए।
अभिनेता प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर विरोध प्रदर्शन से जुड़ा एक भावुक वीडियो रीपोस्ट किया। जिसमें स्टूडेंट्स को हटाने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज के विजुअल्स दिखाए गए थे। कैप्शन में एक्टर ने लिखा, "क्यों.. क्यों.. क्यों। यह क्रूरता अब और काम नहीं करेगी.. यह सिर्फ घमंडी ताकत को नीचे लाएगी।" प्रकाश राज का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठा रहे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने की कसम खाई और CBI जांच की मांग की।
पुलिस की यह नई कार्रवाई 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान स्टूडेंट प्रोटेस्टर और पुलिस के बीच हुई नई झड़प के कुछ घंटों बाद हुई। जब बड़ी संख्या में उम्मीदवार असेंबली की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो अधिकारियों ने आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारें और लाठीचार्ज किया। यह विरोध प्रदर्शन 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के बैनर तले आयोजित किया गया था। छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे।
पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के भविष्य की आवाज है जो किताबों के जरिए अपने सपने पूरे करना चाहते हैं। महतो ने कहा कि छात्रों पर कांटेदार तार, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया गया, फिर भी उन्होंने संयम बनाए रखा और सिर्फ तिरंगा लेकर अपनी जायज मांगें रखीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। उन्होंने कहा, "हमें रोकने की कोशिश की गई। कांटेदार तारों के बैरिकेड लगाए गए। वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। लाठीचार्ज किया गया, जिसमें लोग घायल हुए। फिर भी, हमने सरकार के खिलाफ एक भी नारा नहीं लगाया। हमने कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं की और न ही एक भी बुरा शब्द कहा। वहां सिर्फ तिरंगा झंडा था।"
प्रदर्शनकारी 19 अप्रैल को हुए 14वें JPSC कंबाइंड प्रीलिमिनरी टेस्ट को कैंसिल करने और JPSC और JSSC द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) समेत केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
Updated on:
11 Aug 2026 09:16 am
Published on:
11 Aug 2026 09:09 am
