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‘नेताओं की नहीं, सिस्टम चलाने वालों की बात कर रहे हैं’,गवर्नर पर डायरेक्टर चिन्मय मंडलेकर ने कही ये बात

Manoj Bajpayee's Governor Is Not About Politicians: डायरेक्टर चिन्मय मंडलेकर ने हाल ही में गवर्नर पर की गई टिप्पणियों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना नेताओं को लेकर नहीं है, बल्कि वे सिस्टम को प्रभावी ढंग से चलाने वाले लोगों की बात कर रहे हैं।

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Jun 07, 2026
film governor
governor (This photo from x: @Babu_Bhaiyaa/bollywoodbubbl)

Manoj Bajpayee's Governor Is Not About Politicians: भारतीय सिनेमा में आमतौर पर नेताओं, सैनिकों और क्रांतिकारियों की वीरगाथाएं दिखाई जाती हैं, लेकिन 12 जून 2026 को थिएटरों में दस्तक देने वाली फिल्म 'गवर्नर' उन चेहरों की कहानी सुनाने की कोशिश करती है, जो देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए इतिहास की सबसे अहम लड़ाई में बिना किसी वर्दी और नाम के मैदान में उतरे थे।

फिल्म 'गवर्नर' है जाने किसकी कहानी

साल 1990-91 भारत के लिए ये कोई साधारण दौर नहीं था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो चुका था कि सिर्फ कुछ हफ्तों का आयात बिल भी चुकाना मुश्किल लग रहा था। दिवालिया होने का खतरा सिर पर मंडरा रहा था। ऐसे में देश के कर्णधार सिर्फ राजनेता नहीं थे कुछ तकनीकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और संस्थागत अधिकारी भी थे, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर भारत की आर्थिक नींव को टूटने से बचाया।

इन्हीं गुमनाम योद्धाओं में से एक थे भारतीय रिजर्व बैंक के तत्कालीन गवर्नर एस. वेंकटरमणन। फिल्म 'गवर्नर' उनकी और उनके साथियों की उसी अनकही दास्तान को पर्दे पर दिखाने वाली है।

फिल्म गवर्नर की कहानी

फिल्म में RBI के पूर्व गवर्नर वेंकटरमणन के किरदार निभा रहे हैं मनोज बाजपेयी एक ऐसे एक्टर है जो हर किरदार में अपनी जान डाल देते हैं। फिल्म के ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों और आलोचकों दोनों ने इसे खूब सराहा। बाजपेयी की आंखों में दिखने वाला वो तनाव, वो जिम्मेदारी का बोझ उसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म कितने गहरे पानी में उतरने वाली है।

बता दें, फिल्म के निर्देशक चिन्मय मंडलेकर ने साफ किया है कि 'गवर्नर' को किसी राजनीतिक विचारधारा का चश्मा पहनकर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इतिहास के उस दौर के कुछ बड़े राजनीतिक नाम ट्रेलर में जरूर आते हैं, लेकिन ये फिल्म उनकी कहानी नहीं है।

किसी भी देश की नियति केवल नेताओं के फैसलों से नहीं बनती

निर्देशक चिन्मय मंडलेकर का मानना है कि किसी भी देश की नियति केवल नेताओं के फैसलों से नहीं बनती। उसके पीछे होते हैं वे लोग जो रातों को जागकर नीतियां बनाते हैं, जो संस्थाओं को टूटने से बचाते हैं और जो बिना किसी तालियों की उम्मीद किए अपना काम करते रहते हैं।

फिल्म की कास्ट भी बहुत दिलचस्प है। अदा शर्मा पत्रकार अदिति वर्मा की रोल में हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की एक गवाह बनती हैं। नौशाद मोहम्मद कुंजू तत्कालीन RBI डिप्टी गवर्नर सी. रंगराजन का किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा मधु शाह, कृषा कुरुप और परितोष सैंड भी लीड रोल में नजर आएंगे। बता दें, फिल्म निर्माण की बागडोर संभाली है विपुल अमृतलाल शाह ने, जो पहले भी कई बड़े और फेमस प्रोजेक्ट्स दे चुके हैं।

Published on:
07 Jun 2026 06:32 pm