
Divya Dutta Birthday: बॉलीवुड में दो तरह की एक्ट्रेसेस हैं एक जो लाइम लाइट में रहना पसंद करती हैं, वहीं दूसरी वो जो अपने अभिनय और संजीदा किरदारों से लोगों के दिलों में छाप छोड़ जाती हैं। ऐसी ही एक उम्दा और बेहतरीन अभिनेत्री हैं दिव्या दत्ता, जिनके हुनर को कई बड़े-बड़े दिग्गज कलाकारों से सराहा है। फिर चाहे वो पंजाबी एक्टर-सिंगर गुरुदास मान हों, या सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, या सलमान खान, शाहरुख खान, वरुण धवन, और मनोज बाजपेयी जैसे कलाकार हों। हर कोई दिव्या दत्ता के साथ काम करना चाहता है।
1994 में रिलीज हुई 'इश्क में जीना इश्क में मरना' से अभिनय जगत में एंट्री करने वाली दिव्या दत्ता का जन्म 25 सितम्बर, 1977 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। बचपन से ही एक्टिंग और मॉडलिंग में रूचि रखने वाली दिव्या ने अपने कॉलेज के दिनों में एक टैलेंट हंट में हिस्सा लिया था, जिसमें उनका सिलेक्शन हो गया। लेकिन ये आसान नहीं था। आइये जानते हैं इस टैलेंट हंट तक पहुंचने का मजेदार किस्सा।
एक इंटरव्यू में दिव्या दत्ता ने बताया कि जब मैं कॉलेज में थी, तब मैं एग्जाम्स की तैयारी बाथरूम में करती थी। उस टाइम बड़े-बड़े बाथरूम हुआ करते थे, और मेरी गन्दी आदत थी कि मैं हमेशा लेट कर पढ़ती थी। और बेड पर लेटे-लेटे सो जाती थी। एक दिन मेरी मां ने कहा कि ऐसे तो नहीं होगा, ऐसे तो पढ़ाई नहीं होगी। तब मैंने बोला कि तो बाथरूम में लगा दो न टेबल-चेयर।।। और मेरी मम्मी ने बाथरूम में ही लगा दी मेरी टेबल-चेयर। और फिर वहीं बैठ कर मैं पढ़ा करती थी।' इसके आगे एक्ट्रेस ने बताया, 'मैं बचपन से फिल्मी थी और फिल्मी मैग्जींस पढ़ती थी और वो मुझे बहुत आकर्षित भी करती थी। मैं अपने लंच ब्रेक में मायापुरी, फिल्मफेयर और स्टारडस्ट मैग्जींस पढ़ा करती थी और उसी में मुझे एक दिन टैलेंट हंट का एक फॉर्म मिला।'
अब मैंने वो फॉर्म तो भर दिया और मैं सेलेक्ट भी हो गई। फिर मुझे अपनी तस्वीरें भेजनी थीं, अब उस टाइम फोटो खिंचवाने जाने का मतलब सबको पता चल जाना कि डॉक्टर साहब की बेटी फोटो खिंचवा रही है। तो मैंने अपने छोटे भाई से कहा कि मेरी तस्वीरें खींच दे। उसके पास एक हौरेबिल सा कैमरा था, जो गिफ्ट में मिल जाता है। वो प्रोफेशनल कैमरा नहीं था, तो उसने कहा कि हां मैं तेरा फोटोशूट करता हूं। तो उसने कभी छत पे, कभी पैराफिट पे तो कभी साईकिल पर मेरी फोटोज खींची। और मुझे लग रहा था कि मैं बहुत ग्लैमरस लग रही हूं लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। हां, वो फोटोज दिल से खींची थीं। शायद इसी जज्बे की वजह से मैं सेलेक्ट हो गई।'
अब जब मैं सेलेक्ट हो गई तो मुझे मुंबई जाना था। अब मम्मी को ये बात बतानी थी। जब मम्मी को इसके बारे में बताया तो मां ने पूछा था, ‘ये किसने किया?’ तो बताया कि भाई ने और मैं सेलेक्ट हो गई हूं। मम्मी ने थोड़ी देर पौज लिया फिर बोलीं कि ठीक है जाओ, लेकिन एग्जाम्स के बाद। और इस तरह मेरी मां ने मुझे सपोर्ट किया जबकि बाकी लोग मना कर रहे थे। मगर मम्मी ने मुझे जाने दिया।'
दिव्या ने बताया, 'मुझे लगता है कि बचपन से ही मुझे सबकी रिएक्शन बहुत पसंद आती थी। मैं हमेशा से बच्चन साहब जैसी बनना चाहती थी! क्लास में मैं सबसे पॉपुलर बच्ची थी। मैं बच्चन जी के पॉपुलर सॉन्ग 'खइके पान बनारस वाला’ पर डांस किया करती थी! उनके सारे डांस वाले गानों पर थिरककर सबको एंटरटेन करती थी। मेरी मां डॉक्टर थीं। जब भी वो अपने दोस्तों को घर बुलातीं, तो मैं उनके पास जाकर कहती, ‘मैं आपको डांस दिखाना चाहती हूं।’ और फिर सबका ध्यान मेरी ओर हो जाता। आंटियां ताली बजातीं, हंसतीं और मुझे गुलाब जामुन देतीं! मैं बच्चन साहब की तरह कपड़े पहनती, मम्मी का दुपट्टा सिर पर लपेट लेती, जैसे वे फिल्मों में करते थे।'
दिव्या दत्ता की पर्सनल लाइफ भी अधिकतर चर्चाओं में रहती है, चाहे उनकी सगाई का टूटना, 48 की उम्र में शादी न करना हो, या वरुण धवन के साथ लिपलॉक सीन हो। एक बार तो खुद दिव्या दत्ता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो सोनू निगम से प्यार करती थीं और उनसे शादी भी करना चाहती थीं लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
आपको बता दें कि दिव्या ने मॉडलिंग से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने पंजाबी विज्ञापनों में मॉडलिंग की। इसके अलावा उन्होंने पंजाबी फिल्मो में भी अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया। दिव्या की पहली हिंदी फिल्म 'इश्क में जीना इश्क में मरना' थी, लेकिन उनको असली पहचान सलमान खान की वीरगति फिल्म से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'अग्निसाक्षी', 'वीरजारा', 'बागबान', 'भाग मिल्खा भाग', 'धाकड़', 'बदलापुर', 'दिल्ली 6', और 'छावा' जैसे फिल्मों में अपने अभिनय का प्रदर्शन किया है। 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'इरादा' में जबरदस्त अभिनय के लिए दिव्या दत्ता को नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।