
Imran Khan Girlfriend Lekha Washington Trolled: एक्टर इमरान खान की गर्लफ्रेंड, लेखा वॉशिंगटन ने अभिनेता को मिले 'लीव इंडिया नोटिस' से जुड़े विवाद के बीच, ऑनलाइन ट्रोलिंग पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन कमेंट्स के स्क्रीनशॉट शेयर किए, जो उन्हें सोशल मीडिया पर मिले थे। ये कमेंट्स तब आए जब मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान इमरान को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का नोटिस दिया गया था। लेखा ने बिना कुछ कहे ये स्क्रीनशॉट शेयर किए और इनके साथ कोई कैप्शन भी नहीं लिखा।
इन स्क्रीनशॉट्स में कई नफरत भरे कमेंट्स थे, जिनमें लेखा को निशाना बनाया गया था और उनकी नागरिकता और भारत को लेकर उनके विचारों पर सवाल उठाए गए थे। एक यूजर ने लिखा, "आप अपने जन्म वाले देश के बारे में क्यों नहीं सोचतीं? दूसरे देशों के नागरिक अचानक भारत के बारे में क्यों सोच रहे हैं और राजनीति पर क्यों बात कर रहे हैं?" एक और कमेंट में लिखा था, "फ्लॉप एक्टर अचानक से देश को लेकर बहुत चिंतित हो गए हैं।" जबकि तीसरे यूजर ने लिखा, "अरे, आप तो यहां की नागरिक भी नहीं हैं… अब लगता है आपको बाहर निकाल दिया जाएगा और आप फिर कभी मेरी जमीन पर कदम नहीं रख पाएंगी।"
लेखा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोय पर बिना कोई कैप्शन लिखे या कमेंट्स का सीधे जवाब दिए ये स्क्रीनशॉट शेयर किए। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक कोट पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, "हम हवा, पानी और एक-दूसरे से बने हैं। हम हवा के साथ जो करते हैं, वह खुद के साथ करते हैं। हम पानी के साथ जो करते हैं, वह खुद के साथ करते हैं। हम एक-दूसरे के साथ जो करते हैं, वह खुद के साथ करते हैं।"
हालांकि उन्होंने इस कोट को सीधे तौर पर ट्रोलिंग से नहीं जोड़ा, लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि यह उन्हें मिली नफरत भरी बातों का जवाब था।
10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद, फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया था। अभिनेता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि यह नोटिस उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिए बिना ही जारी कर दिया गया था। FRRO ने एक 'शो-कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) भी जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि उनके 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) रजिस्ट्रेशन को क्यों न रद्द कर दिया जाए। अदालत में उनकी याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होनी है, जो देश छोड़ने की समय-सीमा से दो दिन पहले है।