
Paresh Rawal On PM Narendra Modi: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल एक बार फिर अपने राजनीतिक विचारों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुस्लिम समाज और अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को लेकर खुलकर अपनी राय रखी।
बातचीत के दौरान परेश रावल ने कहा कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी राजनीतिक सोच से नहीं, बल्कि उसके काम और व्यवहार से किया जाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए काम किया है।
विक्की ललवानी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान जब परेश रावल से पूछा गया कि उनकी और नसीरुद्दीन शाह की राजनीतिक सोच बिल्कुल अलग है, तो क्या इससे दोनों के रिश्तों पर असर पड़ता है? इस पर अभिनेता ने कहा कि विचार अलग होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे किसी इंसान की योग्यता या व्यक्तित्व नहीं बदल जाता। उन्होंने कहा नसीरुद्दीन मोदी को पसंद नहीं करते लेकिन मैं मोदी जी को पसंद करता हूं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई डॉक्टर या पायलट अपने काम में कुशल है, तो उसके राजनीतिक विचारों से मरीज या यात्री को कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उनके अनुसार पेशेवर क्षमता और व्यक्तिगत विचारों को अलग-अलग नजरिए से देखना जरूरी है।
परेश रावल ने बातचीत में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने केवल हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लिए भी कई योजनाओं पर काम किया है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोगों के बीच ये धारणा बना दी जाती है कि सरकार किसी एक वर्ग के पक्ष में है, जबकि वास्तविकता इससे अलग हो सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि परेश रावल ने ज्यादातर मुस्लिमों के लिए ही काम किया है।
अभिनेता ने ये भी कहा कि किसी भी सरकार का दायित्व पूरे देश के नागरिकों के लिए काम करना होता है। उनके मुताबिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं को धर्म के चश्मे से देखने के बजाय उनके प्रभाव के आधार पर परखा जाना चाहिए।
परेश रावल का मानना है कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार होना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से सिर्फ इसलिए दूरी नहीं बना लेनी चाहिए क्योंकि उसकी राजनीतिक पसंद अलग है। उनके अनुसार समाज में संवाद और आपसी सम्मान बना रहना ज्यादा जरूरी है।
अभिनेता ने ये भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया के दौर में वैचारिक मतभेदों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, जबकि वास्तविक जीवन में लोग एक-दूसरे के साथ सामान्य संबंध बनाए रखते हैं।
परेश रावल पहले भी कई बार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रख चुके हैं। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में दिए गए उनके बयान और नसीरुद्दीन शाह के साथ वैचारिक मतभेद पर की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। उनके इस इंटरव्यू के बाद एक बार फिर राजनीति और फिल्मी दुनिया के रिश्तों को लेकर बहस तेज हो गई है।