
Prakash Raj and CJP Protest: मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली में आयोजित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के 'चलो संसद' मार्च में एक्टर प्रकाश राज भी शामिल हुए। जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान उन्होंने हाथ में भारतीय संविधान लेकर प्रदर्शनकारियों का सपोर्ट किया। इससे पहले भी प्रकाश राज NEET परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं।
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकले मार्च में प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों के साथ पैदल चलते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वो लाउडस्पीकर लगे वाहन से लोगों को संबोधित करते दिखाई देते हैं। बता दें, प्रदर्शनकारी 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे, जबकि प्रकाश राज ने भीड़ के बीच हाथ में भारतीय संविधान लहराया। इस दौरान CJP का एक सदस्य भगत सिंह की फोटोज लिए भी नजर आया।
प्रकाश राज रविवार को भी जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनके साथ एक्ट्रेस शबाना आजमी और पूनम पांडे भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। प्रकाश राज ने मंच से प्रदर्शनकारियों के साथ एक वीडियो शेयर किया, जिसमें लोग आंदोलन के सपोर्ट में नारे लगाते दिखाई दिए। तो वहीं, शबाना आजमी ने भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रदर्शनकारी का हाथ चूमकर अपना सपोर्ट जताया। पूनम पांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये आंदोलन राजनीति या धर्म का नहीं, बल्कि उन छात्रों के भविष्य का मुद्दा है, जो NEET परीक्षा गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं।
सोमवार सुबह प्रकाश राज और शबाना आजमी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का उपवास तुड़वाया। इस आंदोलन को एक्टर ऋतिक रोशन, सोनाक्षी सिन्हा, सिंगर चिन्मयी श्रीपदा समेत कई अन्य स्टार्स ने सोशल मीडिया के जरिए समर्थन दिया है।
सोमवार दोपहर CJP ने दावा किया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि अभिजीत दिपके की हिरासत की खबर पूरी तरह गलत है। पुलिस के मुताबिक, जिस समय ये दावा किया जा रहा था, उस समय वो मंच पर मौजूद थे और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी शेयर की जा रही थी।
मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न पेशों से जुड़े लोग संसद मार्च के लिए एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए।
पीटीआई के मुताबिक, बैरिकेड तोड़े जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते नजर आए।