
Bengal TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। नेताओं के इस्तीफे, दल-बदल और संगठन के भीतर बढ़ती असहमति के बीच अब अभिनेत्री और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली श्रीलेखा मित्रा ने भी पार्टी सांसद और अभिनेत्री जून मालिया को निशाने पर लिया है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को लेकर श्रीलेखा मित्रा ने जून मालिया की आलोचना की है। ये वीडियो चुनावी माहौल के दौरान दिए गए एक पुराने बयान से जुड़ा बताया जा रहा है। श्रीलेखा का आरोप है कि सत्ता में बैठे नेताओं को अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए क्योंकि उनके बयानों का असर आम लोगों पर पड़ता है।
श्रीलेखा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राजनीतिक नेताओं के बयान कई बार लोगों को इमोशनल तौर से प्रभावित करते हैं और इसका नतीजा सड़कों पर दिखाई देता है। उनका मानना है कि नेताओं को ऐसे शब्दों से बचना चाहिए जो समाज में तनाव या टकराव की स्थिति पैदा करें। उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि जब राजनीतिक परिस्थितियां बदल जाती हैं तो आम कार्यकर्ताओं और समर्थकों की स्थिति क्या होती है, जो नेताओं की बातों पर भरोसा करके संघर्ष करते हैं।
अभिनेत्री ने अपने संदेश में जून मालिया से आत्ममंथन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने शब्दों और कार्यों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। श्रीलेखा ने यह भी सुझाव दिया कि अगर किसी बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उसे स्वीकार करना और माफी मांगना कमजोरी नहीं बल्कि परिपक्वता की निशानी है।
जून मालिया सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि बंगाली फिल्म इंडस्ट्री का भी जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में काम किया है और लंबे समय से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रही हैं। दूसरी ओर श्रीलेखा मित्रा भी बंगाली सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं और अक्सर सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए चर्चा में रहती हैं।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सामने संगठनात्मक संकट और गहरा होता नजर आ रहा है। हाल के दिनों में कई नेताओं के पार्टी छोड़ने और विपक्षी खेमे में जाने की खबरों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।