
Udhayanidhi Stalin Offensive Remark: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के युवा नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के एक कथित बयान ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी का आरोप है कि उदयनिधि स्टालिन ने एक फिल्म अभिनेत्री को लेकर सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला 3 अगस्त को तंजावुर में आयोजित डीएमके के एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की नारेबाजी के बीच उदयनिधि स्टालिन द्वारा की गई कथित टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद तमिलगा वेत्री कड़गम ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर दी।
TVK के राष्ट्रीय प्रवक्ता पाझा सेल्वाकुमार ने राष्ट्रीय महिला आयोग को औपचारिक शिकायत भेजी है। शिकायत में आयोग से अनुरोध किया गया है कि उदयनिधि स्टालिन को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही उनसे बिना किसी शर्त के सार्वजनिक माफी मांगने के निर्देश भी दिए जाएं।
पार्टी ने ये भी मांग की है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
उदयनिधि स्टालिन कावेरी पानी के मुद्दे पर बात कर रहे थे और तमिल में उन्होंने कहा, 'हमारे CM कावेरी पानी के मुद्दे पर अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं। उन्हें DMK पर झूठे केस लगाने की ज्यादा चिंता है,' अपनी पार्टी का जिक्र करते हुए। जब ऑडियंस में से किसी ने तृषा का नाम लिया, तो वो मुस्कुराए और बिना नाम लिए पानी शब्द का इस्तेमाल किया। आगे उन्होंने कहा मेरा मतलब कावेरी से था और उनके आस-पास के लोग हंसने और चिल्लाने लगे। इसी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर कई लोग तृषा से जोड़कर देख रहे हैं।
इस विवाद के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। TVK सरकार के कई मंत्रियों ने उदयनिधि स्टालिन के कथित बयान की आलोचना करते हुए इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों का चयन बेहद जिम्मेदारी से करना चाहिए।
उधर TVK ने घोषणा की है कि वह राज्यभर में विरोध प्रदर्शन भी करेगी। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला सम्मान का मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों इस मामले को अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रख रहे हैं। TVK का कहना है कि किसी भी महिला के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
दूसरी ओर, इस मामले पर डीएमके की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है।
यदि राष्ट्रीय महिला आयोग इस शिकायत पर संज्ञान लेता है तो उदयनिधि स्टालिन से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। आयोग की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
तमिलनाडु में पहले भी नेताओं के बयानों को लेकर विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला महिला सम्मान और सार्वजनिक भाषा के इस्तेमाल से जुड़ गया है। ऐसे में सभी की निगाहें अब राष्ट्रीय महिला आयोग और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।